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अतीक - अशरफ हत्याकांड : कम उम्र के शूटर, ख्वाब था बड़ा डॉन बनने का, सनी पर दर्ज हैं 14 मुकदमे

Mon, 17 Apr 2023 12:42 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या करने वाले शूटरों ने कम उम्र में बड़ा डॉन बनने का ख्वाब पाल रखा था। इनकी उम्र 18 से 23 साल के बीच है। तीनों शूटरों में सबसे बड़ा हमीरपुर का सनी सिंह है जो 23 साल का है।
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Prayagraj News : अतीक अहमद और अशरफ के हत्यारे। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या करने वाले शूटरों ने कम उम्र में बड़ा डॉन बनने का ख्वाब पाल रखा था। इनकी उम्र 18 से 23 साल के बीच है। तीनों शूटरों में सबसे बड़ा हमीरपुर का सनी सिंह है जो 23 साल का है। इसके अलावा बांदा का लवलेश 22 साल का है तो हत्याकांड में शामिल तीसरा शूटर अरुण कुमार मौर्य महज 18 साल का है। चौंकाने वाली बात यह भी है कि शूटआउट को अंजाम देने वाले शूटरों की उम्र भले ही बहुत ज्यादा न हो। लेकिन अपराध की दुनिया में इन्होंने कई साल पहले ही कदम रख दिया था।

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Prayagraj News : सनी सिंह, शूटर। - फोटो : अमर उजाला।
सनी सिंह

सनी पर कुल 14 मुकदमे दर्ज हैं। वह 12 साल से वांछित चल रहा था। 2012 में यह एक लूट के मुकदमे में हमीरपुर से ही जेल में गया और इसके बाद ही वह अपराध की दुनिया में रम गया। वहां इसकी मुलाकात पश्चिमी यूपी के कुख्यात सुंदर भाटी से हुई और फिर वह उसके गैंग में शामिल हो गया इसके बाद एक के बाद एक उसने कई वारदातें अंजाम दी। उस पर गुंडा एक्ट के साथ ही गैंगस्टर के भी कई मुकदमे दर्ज हुए। उसके पिता का निधन हो चुका है और घर में सिर्फ मां और भाई हैं।

लवलेश तिवारी - फोटो : अमर उजाला
लवलेश तिवारी

लवलेश पर कुल तीन मुकदमे दर्ज हैं। 2020 में उस पर सबसे पहला मुकदमा शराब की तस्करी में दर्ज हुआ था। इसके अलावा 2021 में उसने एक युवती पर हमला किया था, जिस पर उसके खिलाफ प्राणघातक चोट पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। 2022 में उसके खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज हुआ। सामान्य परिवार से आने वाले लवलेश की संगत अच्छी नहीं थी और यही वजह थी कि वह नशे का आदी हो गया। इसी लत को पूरा करने के लिए उसने अपराध की राह पकड़ ली।
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शूटर अरुण मौर्य - फोटो : अमर उजाला
अरुण कुमार मौर्य

अरुण मूल रूप से कासगंज जनपद का रहने वाला है। उसके पिता दीपक कुमार खेती करते हैं। करीब तीन साल पहले वह घर से पानीपत में रहने वाले अपने दादा के पास चला गया था। वहीं से उसने हाईस्कूल की पढ़ाई की। लेकिन पढ़ाई में उसका मन नहीं रमा और वह अंतराज्यीय गैंग में शामिल होकर असलहा तस्करी करने गया। एक बार इस मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया। करीब छह महीने पहले वह जेल से छूटकर आया और फिर अचानक गायब हो गया। घर में भी किसी से संपर्क नहीं किया। सूत्रों का कहना है कि जेल से छूटकर आने के दौरान ही उसने सनी का साथ पकड़ लिया था।
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