पहली गोली अतीक के एकदम सिर पर सटाकर मारी गई। वहां मौजूद मीडियाकर्मी जब तक कुछ समझ पाते ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगीं। नाम न छापने की शर्त पर एक मीडियाकर्मी ने बताया कि उसे लगा कि जीवन का अंतिम समय आ गया। दूसरे ने कहा कि उन्हें भागने का भी मौका नहीं मिला। वे एक दूसरे पर गिर गए। कातिल लगातार गोलियां चला रहे थे।
मीडियाकर्मी छोड़िए पुलिस वाले भी कातिलों को पकड़ने की हिम्मत नहीं कर पा रहे थे। कातिलों ने जब पिस्टल से कारतूस खाली कर दिए तो सिपाही उनकी ओर दौड़े और पकड़ लिया। जब तीनों को पकड़ लिया गया तब मीडियाकर्मियों की जान में जान आई। कातिलों को पकड़ने वाले एक सिपाही ने बताया कि आरोपियों के पास स्वचालित हथियार थे, जो भी सामने जाता, उसे वे मार देते।
काफी देर तक तड़पता रहा अतीक, अशरफ की तुरंत हो गई थी मौत
अतीक के सिर में पहली गोली लगने के बाद वह गिर पड़ा। इसके बाद उसे ताबड़तोड़ आठ गोलियां मारी गईं। हालांकि कुछ मिनटों तक वह तड़पता रहा। उसकी सांसें चल रहीं थीं लेकिन जब तब डाक्टर आकर चेक करते अतीक की मौत हो गई थी। अशरफ को भी पहली गोली सिर में लगी थी। उसे कुल छह गोलियां मारी गईं। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अशरफ की तुरंत ही मौत हो गई थी।