एडिट कर पुरानी क्लिप भी जोड़ी थी वीडियो में
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह बात भी सामने आई थी कि जो वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया, उसमें छेड़छाड़ भी की गई। दरअसल अतीक के बेटों की कार के पीछे वाहनों के चलने से संबंधित वीडियो नया था लेकिन अंत में कुछ युवकों का आतिशबाजी करते दिखाई देने वाला क्लिप इसमें एडिट कर जोड़ा गया था। ऐसे में वीडियो पोस्ट करने वालों से इस बारे में भी पूछताछ करने की तैयारी है।
सैकड़ों युवकों को कैसे मिली जानकारी?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अतीक के बेटों की रिहाई की सूचना कुछ ही देर में सैंकड़ों युवकों को आखिर कैसे मिल गई। गौरतलब है कि रिहाई से पहले ही बड़ी संख्या में राजरूपपुर बालगृह के बाहर युवक जुट गए थे। इसके अलावा राजरूपपुर से हटवा तक के रास्ते में भी जगह-जगह युवक बाइकों व कारों से जमा हो गए थे।