अशरफ की गिरफ्तारी के बाद जब उसे बरेली जेल भेजा गया तो सद्दाम ने वहां अपना नया ठिकाना बना लिया। उसने स्थानीय अपराधियों से दोस्ती बनाई ही, यहां से भी तमाम लोगों को बरेली ले गया। कुछ ही समय में उसने जेल में ऊपर से लेकर नीचे तक जबर्दस्त पैठ बना ली थी। बरेली जेल में अशरफ को ऐशोआराम की सारी चीजें मुहैया कराईं थीं। प्रयागराज से जितने लोग उससे मिलने जाते, वे घंटों अशरफ से अकेले में मिल सकते थे।
सद्दाम पर दर्ज हैं सात मुकदमे, चार प्रयागराज और तीन बरेली में
प्रयागराज। सद्दाम पर कुल सात मुकदमे दर्ज हैं। इसमें चार प्रयागराज में और तीन बरेली में दर्ज हैं। कुल मुकदमों में तीन मामले में धोखाधड़ी और जालसाजी के हैं।
जैनब भी प्रयागराज से लेकर दिल्ली तक लगातार बदल रही है ठिकाने
एसटीएफ की पूछताछ में सद्दाम ने बहन जैनब लेकर खुलासा किया कि वह प्रयागराज से दिल्ली तक कई शहरों में लगातार ठिकाने बदल-बदल कर रह रही है। वह मोबाइल का प्रयोग नहीं कर रही है, इस कारण वह वर्तमान लोकेशन नहीं जानता।
सद्दाम को उमेश पाल हत्याकांड के पल पल की अपडेट थी। उसने हत्याकांड से कुछ दिन पहले ही बरेली छोड़ दिया था। वह सबसे पहले मुंबई पहुंचा था। वहां भीड़ भरे बाजार में कई दिन रहा। फिर वह कर्नाटक के अलग अलग शहरों में भी रहा। अक्सर पर दिल्ली आ जाता था। यहीं उसकी कई बार बहन जैनब से मुलाकात हुई। एक बार तो दिल्ली के मॉल में दोनों को ट्रेस किया गया था। सद्दाम न सिर्फ लगातार ठिकाने बदल रहा था बल्कि मोबाइल भी बदल देता था। इसीलिए पुलिस उस तक नहीं पहुंच पा रही थी।
प्रयागराज में तीन लड़कियों और दिल्ली में एक लड़की से लगातार करता था बात
सद्दाम की कई लड़कियों से दोस्ती थी। वह अक्सर नए नंबरों से प्रयागराज की तीन और दिल्ली की एक लड़की से बात करता था। एसटीएफ ने चारों लड़कियों के नंबरों को सर्विलांस पर लगाया था। कुछ दिन पहले ही उसने दिल्ली वाली दोस्त से बताया था कि वह जल्द ही उससे मिलने आएगा। इसके बाद एसटीएफ ने लड़की के घर के आस पास पूरी घेरेबंदी कर रखी थी। बृहस्पतिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।