खुले में शौच की अब सुबह चार बजे निगरानी होगी। लोगों को समझाया और जागरूक किया जाएगा कि शौचालय बनवाएं, उसका इस्तेमाल करें ताकि बीमारियों से बचा जा सके। इसके लिए गंगा किनारे बसे 122 गांवों में 28 जुलाई से अभियान शुरू होने जा रहा है। हर गांव को एक अफसर ने गोद लिया है। अफसरों को लक्ष्य दिया गया है कि गोद लिए गांवों को 15 अगस्त तक खुले में पूरी तरह से शौच मुक्त बनाना है।
सीडीओ आंद्रा वामसी ने मंगलवार को डीएम कैम्प ऑफिस में संवाददाताओं को बताया कि गंगा किनारे वाले 122 गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए अब तक कुल 37 हजार 723 शौचालय बनवाए जा चुके हैं और 30 हजार 376 शौचालय निर्माणाधीन हैं। निर्धारित समय में शौचालय का निर्माण पूरा न हो पाने के मामले में 15 ग्राम प्रधानों को वसूली का नोटिस दिया गया है। अब जिला, तहसील, ब्लॉक स्तर के अफसरों ने एक-एक गांव गोद लिया है। योजना के मुताबिक 27 जुलाई की शाम सभी अफसर अपने आवंटित गांव में ग्राम सभा की खुली बैठक करेंगे। अफसर गांव में ही रात्रि विश्राम करेंगे और 28 जुलाई को सुबह चार बजे अफसर गांव में भ्रमण कर खुले में शौच की मॉनीटरिंग करेेंगे। इस अभियान के लिए विकास भवन में कट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से मॉनीटरिंग की जाएगी कि अफसर गांव पहुंचे या नहीं।
सीडीओ ने बताया कि जिन अफसरों ने गांवों को गोद लिया है, हर हफ्ते उन्हें सुबह चार बजे मॉनीटरिंग करनी होगी। यह भी देखना होगा कि खुले में शौच करने वालों की संख्या कितनी कम हुई। अगर कोई नहीं मानता है तो उससे समझाने का प्रयास किया जाएगा और खुले में शौच के नुकसान बताए जाएंगे। सीडीओ के मुताबिक एक शौचालय के निर्माण पर 12 हजार रुपये खर्च होते हैं। शौचालय निर्माण के लिए एक करोड़ 31 लाख रुपये मिल गए हैं। बताया कि 28 जुलाई को सुबह डीएम संजय कुमार कौड़िहार ब्लॉक के गोपालपुर गांव और सीडीओ झूंसी के कोहना गांव में निरीक्षण करेंगे। लोगों को जागरूक करने के लिए हर गांव में निगरानी समिति भी बनाई गई है। इसमें दो दिव्यांगों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। 10 से 15 सदस्यी समिति में पुरुषों और महिलाओं की बराबर संख्या होगी।