गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्र परीक्षा केंद्र पर पहुंचे
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बीबीए और बीसीए पाठ्यक्रम के पिछले विषम सेमेस्टर की बैक पेपर परीक्षा में फेल होने वाले छात्र-छात्राओं को प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय प्रशासन ने राहत प्रदान की है। ऐसे छात्र-छात्राओं बैक पेपर देने का एक और मौका दिया गया है। राज्य विवि प्रशासन ने यह निर्णय विद्यार्थियों की ओर से आईं आपत्तियों के आधार पर लिया है।
बीबीए और बीसीए की विषम सेमेस्टर दिसंबर-2018 की परीक्षाओं में शामिल उन छात्र-छात्राओं को इस बार फेल कर दिया गया था जो पिछले विषम सेमेस्टर की बैक पेपर की परीक्षाओं में फेल थे। दरअसल, राज्य विश्वविद्यालय में पहले कानपुर विश्वविद्यालय का ऑर्डिनेंस लागू था लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने अचानक ऑर्डिनेंस में कई बदलाव कर दिए और नया नियम 2018 से लागू कर दिया। इस नियम के तहत बैक पेपर में फेल अभ्यर्थियों को अगले सेमेस्टर में प्रमोट नहीं किया जा सकता है, जबकि पहले नियम था कि अभ्यर्थियों को बैक पेपर में फेल होने के बावजूद अगले सेमेस्टर में प्रमोट कर दिया जाता था। नया नियम लागू होने के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी फेल हो गए थे। अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों ने कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद से मिलकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी कि इससे छात्रों का एक से दो वर्ष खराब हो जाएगा।
कुलपति के निर्देश पर परीक्षा समिति ने आपत्तियों की समीक्षा की और ऐसे छात्र-छात्राओं को एक मौका और देने का निर्णय लिया गया। इन अभ्यर्थियों को अब सम सेमेस्टर में प्रमोट किया जाएगा और सम सेमेस्टर की परीक्षा के साथ ही उस बैक पेपर की परीक्षा में शामिल होंगे, जिसमें उन्हें फेल कर दिया गया था। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनीता यादव के अनुसार यह अवसर केवल शैक्षिक सत्र 2016-17 एवं 2017-18 में प्रवेशित अभ्यर्थियों को ही प्रदान किया जाएगा। साथ ही परीक्षार्थी को विषम सेमेस्टर की बैक पेपर परीक्षा में शामिल कराने के लिए संबंधित कॉलेज इस आशय का शपथपत्र देगा कि यह परीक्षार्थियों को प्रदान किए जाने वाला अंतिम अवसर है। इस परीक्षा में भी अनुत्तीर्ण होने पर कोई अतिरिक्त अवसर प्रदान नहीं किया जाएगा।