यूपीएचईएससी: आरक्षण पर विवाद
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
0 असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने भेजा था ई-मेल
0 ओबीसी का कटऑफ अधिक होने पर भी साक्षात्कार से वंचित
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) की ओर से आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में आरक्षण व्यवस्था को लेकर विवाद हो गया है। सामान्य को निर्धारित मानक से अधिक सीटें देने और ओबीसी अभ्यर्थी का कटऑफ सामान्य से अधिक होने के बाद भी इंटरव्यू से वंचित किए जाने की शिकायत राज्यपाल से की गई है। मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
अभ्यर्थी शिव प्रकाश यादव की ओर से राज्यपाल को ई-मेल पर पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। राज्यपाल को अवगत कराया गया था कि उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में आरक्षित वर्ग के साथ अन्याय किया जा रहा है। आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों से अधिक अंक होने के बावजूद साक्षात्कार के लिए चयनित नहीं किया है। समाजशास्त्र विषय में सामान्य वर्ग का कटऑफ 103.37 अंक है जबकि ओबीसीसी का कटऑफ 130.24 अंक है। अन्य विषयों भी यही स्थिति है। इसके बाद भी ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल होने से वंचित किया जा रहा है।
प्रार्थनापत्र के माध्यम से राज्यपाल को यह भी अवगत कराया गया है कि आयोग ने अपनी इस चयन प्रक्रिया में अनारक्षित वर्ग के लिए 50.50 फीसदी सीटें निर्धारित की हैं। इसके अलावा अनारक्षित वर्ग से अधिक कटऑफ के बावजूद भी आरक्षित वर्ग को अनारक्षित वर्ग में शामिल नहीं किया गया है। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में इन शिकायतों का हवाला देते हुए उचित कार्रवाई के लिए कहा है। उधर, आयोग के अध्यक्ष ईश्वर शरण विश्वकर्मा का कहना है कि भर्ती में आरक्षण नियमों को पूरी तरह से अनुपालन किया जा रहा है। किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही नहीं हुई है।