फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jama Masjid ASI Survey: 'पूरी मस्जिद अच्छी स्थिति में... अभी सफेदी की जरूरत नहीं', पढ़ें एएसआई ने क्या कुछ कहा

Fri, 28 Feb 2025 02:21 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अदालत के समक्ष प्रबंधन समिति का प्रतिनिधित्व करने वाले सीनियर वकील एसएफए नकवी ने तर्क दिया कि एएसआई अनावश्यक रूप से सफेदी के काम पर आपत्ति कर रही है, जबकि इस तरह के काम को अंजाम देना एएसआई की जिम्मेदारी है।
विज्ञापन
संभल जामा मस्जिद मामला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट के गुरुवार के निर्देशों का पालन करते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें कहा गया कि संभल में शाही जामा मस्जिद को रमजान से पहले सफेदी की जरूरत नहीं है, क्योंकि पूरी मस्जिद अच्छी स्थिति में है और इनेमल पेंट से ढकी हुई है। मस्जिद प्रबंधन समिति के इस आग्रह पर कि सफेदी जरूरी है और एएसआई की रिपोर्ट गलत है। जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने समिति को एएसआई रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया या आपत्तियां दर्ज कराने के लिए मंगलवार तक का समय दिया। इस बीच न्यायालय ने मस्जिद परिसर की सफाई का आदेश दिया, जिसमें अंदर और आसपास की धूल और वनस्पति को हटाना शामिल है।

विज्ञापन

गौरतलब है कि गुरुवार को हाईकोर्ट ने एएसआई को रमजान महीने से पहले संभल की शाही जामा मस्जिद का निरीक्षण करने और वहां पर सफेदी और रखरखाव/मरम्मत कार्य की आवश्यकता का आकलन करने के लिए कहा। यह आदेश मस्जिद की प्रबंधन समिति द्वारा दायर आवेदन पर पारित किया गया, जिसमें मस्जिद की सफेदी के काम के संबंध में प्रतिवादियों की आपत्तियों को चुनौती दी गई।

मस्जिद की प्रबंधन समिति ने कहा कि एएसआई सफेदी के काम पर आपत्ति कर रही
अदालत के समक्ष प्रबंधन समिति का प्रतिनिधित्व करने वाले सीनियर वकील एसएफए नकवी ने तर्क दिया कि एएसआई अनावश्यक रूप से सफेदी के काम पर आपत्ति कर रही है, जबकि इस तरह के काम को अंजाम देना एएसआई की जिम्मेदारी है।

'सफेदी की आड़ में मस्जिद के अंदर कथित रूप से मौजूद हिंदू कलाकृतियों को किया जाएगा विरूपित'
जवाब में एएसआई के वकील एडवोकेट मनोज कुमार सिंह ने कहा कि समिति के अधिकारियों द्वारा एएसआई अधिकारियों को मस्जिद परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही। समिति के आवेदन का विरोध एडवोकेट हर शंकर जैन (प्रतिवादी नंबर 1) ने किया, क्योंकि उन्होंने कहा कि सफेदी की आड़ में मस्जिद के अंदर कथित रूप से मौजूद हिंदू कलाकृतियों को विरूपित किया जाएगा।

समिति ने अधिकारियों से किया था ये अनुरोध
संदर्भ के लिए शाही जामा मस्जिद, संभल की प्रबंधन समिति ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) उत्तर संभल की प्रतिक्रिया के बाद हाईकोर्ट का रुख किया, जिसमें आगामी रमजान से पहले मस्जिद के लिए नियोजित रखरखाव कार्य के अपने प्रस्ताव पर आपत्ति जताई गई। समिति ने पहले संबंधित अधिकारियों को 1 मार्च, 2025 से शुरू होने वाले रमजान के पवित्र महीने की तैयारी में मस्जिद में आवश्यक रखरखाव कार्य करने के अपने इरादे के बारे में सूचित किया था। नियोजित कार्य में सफेदी, सफाई, मरम्मत, क्षेत्रों को ढंकना और रमजान के महीने के दौरान इबादत-गुजारों के लिए सहज अनुभव सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था स्थापित करना शामिल है। समिति ने आधिकारिक अधिकारियों से यह भी अनुरोध किया कि पारंपरिक अजान (प्रार्थना के लिए आह्वान) और रखरखाव गतिविधियों पर कोई प्रतिबंध न लगाया जाए, जो उनका दावा है कि मस्जिद के नियमित रखरखाव का हिस्सा हैं।
विज्ञापन

मस्जिद संरक्षित स्मारक: एएसपी
11 फरवरी, 2025 को लिखे पत्र में एएसपी ने कहा कि चूंकि मस्जिद संरक्षित स्मारक है, इसलिए किसी भी काम को करने से पहले प्रबंधन समिति को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से अनुमति लेनी होगी। इस पत्र और जवाब को चुनौती देते हुए प्रबंधन समिति ने हाईकोर्ट का रुख किया, जिसमें कहा गया कि वह अतीत में रमजान के महीने और अन्य धार्मिक अवसरों के दौरान इसी तरह की रखरखाव गतिविधियां (अन्य बातों के साथ-साथ, सफाई, सफेदी और रोशनी की स्थापना) करती रही है।

संबंधित वीडियो-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें