कुंभ क्षेत्र में स्थापित किए जाने वाले 1 लाख 22 हजार 500 शौचालय देश में स्वच्छता का मॉडल बनेंगे। मेले में सफाई बनाए रखने के उद्देश्य से शौचालयों का डिस्चार्ज (गंदगी) एक करने को सेफ्टिक टैंक लगाए जाएंगे। मशीनों से हर दिन टैंक साफ करने के निर्देश हैं। स्थापना और रखरखाव का जिम्मा शौचालय लगाने वाली कंपनी की होगी।
स्वास्थ्य विभाग कुंभ क्षेत्र में शौचालय स्थापना के साथ सफाई (सैनिटेशन) का काम ‘नो टच टेक्निक’ पर किया जाएगा। सभी 20 सेक्टरों में 20 हजार डस्टबिन भी लगाए जाएंगे। सफाई के लिए 40 कंपेक्टर, 120 ट्रिपर जैसे 175 वाहनों से हर घंटे कूड़ा उठाया जाएगा। व्यवस्था ऐसी कि गंदगी कहीं दिखाई न पड़े। प्रस्ताव के मुताबिक शौचालयों की सफाई शौचालय स्थापना कराने वाली कंपनी कराएगी। वहीं मेले में सफाई के लिए विभाग 12- 12 सफाई कर्मियों के 950 गैंग होंगे। करीब 11400 सफाई कर्मचारियों राउंड द क्लाक मतलब 24 घंटे की ड्यूटी होगी।
कुंभ क्षेत्र में सफाई व्यवस्था देश भर के रोल मॉडल बने इसके तहत नमामि गंगे और राज्य सरकार की संयुक्त फंडिंग से ये काम कराए जा रहे हैं। कुंभ के बाद शौचालय को देश के विभिन्न राज्यों में जरूरत के हिसाब से स्थापित कराने की तैयारी है। फिलहाल ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर भी जोर है। मेला क्षेत्र में काम करने वाले सफाई कर्मियों के एक गैंग पर एक सुपरवाइजर निगरानी के लिए तैनात किया जाएगा। अभी यहां 10 हजार से ज्यादा रेडीमेड शौचालय आ चुके हैं। इन्हें परेड मैदान सहित अन्य स्थानों पर रखा गया है।
कुंभ मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था उत्कृष्ट श्रेणी की होगी। इसकी तैयारियां शुरू हैं। सभी सेक्टरों में एंटी लार्वा और कीटनाशक का छिड़काव कराया जा रहा है। ताकि मेला मच्छर-मख्खी विहीन रहे। इस कार्य की निगरानी सीएमओ स्तर के अधिकारी कर रहे हैं।- डॉ. अशोक कुमार पालीवाल, एडी हेल्थ, कुंभ मेला प्रभारी