टेंशन, अनियमित दिनचर्या और खानपान का सही न होना महिलाओं को मातृत्व सुख देने में बाधा बन रहा है। हर घर में किलकारी गूंजे। लोगों के घर बच्चों से भरा पूरा रहे, इस उद्देश्य से सृजन अस्पताल में आयोजित नि:शुल्क बांझपन, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में 119 महिलाओं ने परीक्षण करा विशेषज्ञों से परामर्श लिया।
अमर उजाला फाउंडेशन के सहयोग से अपराजिता कार्यक्रम के तहत आयोजित नि:शुल्क बांझपन, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में पंजीकरण कराने वालों में मातृत्व सुख से वंचित महिलाओं की संख्या अधिक रही। निदेशक और बांझपन, आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. सबिता अग्रवाल के नेतृत्व में कुशल चिकित्सकों की टीम ने मरीजों का परीक्षण किया।
शिविर के काउंसिलिंग और परामर्श के दौरान कई मरीजों से बातचीत के दौरान पता चला कि महिलाएं काम में व्यस्तता के कारण खुद पर ध्यान नहीं दे पातीं। सबका ख्याल रखने और पारिवारिक कारणों से तनाव उन्हें मातृत्व सुख से दूर कर रहा है। कुछ को हार्मोनल दिक्कत दूर करने के उपाय बताकर दवाएं दी गईं। डॉ. सबिता के साथ पुरुष बांझपन और गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. विपुल टंडन ने भी दंपतियों को परामर्श दिया। टीम में डॉ.मेहा अग्रवाल, डॉ. दीपाली श्रीवास्तव आदि विशेषज्ञ मौजूद रहे।