याची की जमानत के समर्थन में एडवोकेट शादाब अली ने कहा कि पुलिस ने असाद को इस मुकदमे में फर्जी नामजद किया है। याची ने कोई अपराध नहीं किया है और जो ईंट फेंककर मारना बताया गया है उससे किसी व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई है।
हाईकोर्ट ने पूर्व सांसद अतीक अहमद के करीबी असाद की करेली थाने के एक मामले में अग्रिम जमानत सशर्त मंजूर कर ली है। यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने असाद की अग्रिम जमानत अर्जी पर दिया है।
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एडवोकेट शादाब अली ने कोर्ट को बताया कि पूर्व सांसद अतीक अहमद के करीबी कहे जाने वाले असाद एवं चार-पांच अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ करेली थाने के वरिष्ठ उप निरीक्षक कौशलेन्द्र बहादुर सिंह ने समाचार पत्र में प्रकाशित खबर व सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कराया है, जिसमें कहा गया कि जांच में पाया गया कि ऐनुद्दीनपुर पानी की टंकी के पास स्थित एक जमीन पर असाद अपने चार-पांच साथियों के साथ पहुंचा और एक व्यक्ति को गाली एवं धमकी दी। साथ ही ईंट फेंक कर मारी।
याची की जमानत के समर्थन में एडवोकेट शादाब अली ने कहा कि पुलिस ने असाद को इस मुकदमे में फर्जी नामजद किया है। याची ने कोई अपराध नहीं किया है और जो ईंट फेंककर मारना बताया गया है उससे किसी व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई है। यह भी कहा कि याची विवेचना में सहयोग करेगा। कोर्ट ने याची को विवेचनाधिकारी के समक्ष 50 हजार रुपये का निजी मुचलका एवं इतनी ही धनराशि के दो जमानत प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।