मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया की एकल पीठ कर रही है। अधिवक्ता सुनील चौधरी ने दलील दी कि याची को एमडीएम के वितरण में लापरवाही, स्कूल में अव्यवस्था और शिक्षा के स्तर में आई गिरावट के आरोप में याची को बीएसए ने निलंबित किया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निलंबन के दौरान प्राथमिक विद्यालय पदमपुरा की प्रधानाध्यापक फोजिया रहमान के स्थानांतरण पर शिक्षा सचिव और बीएसए मेरठ से चार हफ्ते में जवाब तलब किया है।
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मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया की एकल पीठ कर रही है। अधिवक्ता सुनील चौधरी ने दलील दी कि याची को एमडीएम के वितरण में लापरवाही, स्कूल में अव्यवस्था और शिक्षा के स्तर में आई गिरावट के आरोप में याची को बीएसए ने निलंबित किया था। इसी दौरान याची का स्थानांतरण भी कर दिया गया। जबकि, एक शिकायती पत्र के जवाब में बीएसए ने स्वयं स्वीकार किया है कि स्कूल में कुल छह कमरों में चार जर्जर हैं, जिसमें शासन के निर्देश पर ताला बंद किया गया है मात्र दो कमरों में 2017 से एक से कक्षा पांच तक के बच्चों की पढ़ाई हो पा रही है।
इन अव्यवस्था का हवाला देकर याची की निलंबित करना अवैधानिक है। जबकि, निलंबन के दौरान विभागीय शासनादेश के खिलाफ है। कोर्ट ने शिक्षा सचिव, बीएसए और बीआरसी मेरठ से जवाब तलब करते हुए याची के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक जांच को जारी रखने का आदेश दिया।