जांच में पता चला कि मदरसा बिना मान्यता के चल रहा है। पुलिस ने बताया कि करीब चार साल पहले मुख्य आरोपी जाहिर खान ओडिशा से तालीम लेने मदरसे में आया था। इसके बाद यहां नकली नोट छापने लगा। मदरसे में आने वालों का सत्यापन नहीं करवाया जाता है।
नकली नोट छापने के मामले में पुलिस ने बृहस्पतिवार को मदरसे के मुतवल्ली (प्रबंधक) मिसबहाउद्दीन से थाने में कई घंटे तक पूछताछ की। वहीं, पुलिस ने मदरसे के कमरे पर ताला लगा दिया है। जांच में पता चला कि मदरसा बिना मान्यता के चल रहा है।
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पुलिस ने बताया कि करीब चार साल पहले मुख्य आरोपी जाहिर खान ओडिशा से तालीम लेने मदरसे में आया था। इसके बाद यहां नकली नोट छापने लगा। मदरसे में आने वालों का सत्यापन नहीं करवाया जाता है। मदरसे में कौन आता-जाता है, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। पुलिस अफसरों ने बताया कि अगर मामले में किसी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी केस दर्ज होगा।
आज फिर मदरसा जाएगी पुलिस
पुलिस की एक टीम आज फिर मदरसा जाएगी। टीम आसपास के लोगों से पूछताछ के अलावा मदरसे के कमरे की जांच करेगी। पुलिस अफसरों का कहना है कि कमरे की सीलिंग की तैयारी की गई है। जांच पूरी होने के बाद इसे सीज कर दिया जाएगा।
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जांच के लिए लिखा पत्र
शहर में कई मदरसे संचालित हो रहे हैं। इसकी जांच को लेकर पुलिस ने संबंधित विभाग को पत्राचार किया है, ताकि इस तरह के गैरकानूनी तरीके से होने वाले कामों पर रोक लग सके। जल्द ही संबंधित विभाग मदरसे की जांच कर सकता है।