उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की टीजीटी सामाजिक विज्ञान परीक्षा निरस्त करने की मांग को लेकर चल रहा अनशन शुक्रवार शाम टूट गया। परीक्षार्थियों की ओर से दिए गए प्रत्यावेदन पर चयन बोर्ड की ओर से जवाब सुनाने के बाद अनशनकारी नहीं माने और धरना जारी रखने पर अड़े रहे। इसके बाद प्रशासन की ओर से अनशनकारी छात्रों को गिरफ्तार करके पुलिस लाइन लाया गया। यहां से देर शाम अनशनकारियों को छोड़ दिया गया।
चयन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. परशुराम पाल ने बताया कि विशेषज्ञों की ओर से अनशनकारियों के आरोपों की जांच के बाद निराधार पाया गया। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थी ये कह रहे थे कि नागरिक शास्त्र के पर्चे में भूगोल के सवाल पूछे गए थे, जबकि जांच के बाद यह गलत पाया गया। अनशनकारियों का समर्थन कर रहे भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा का कहना है कि प्रशासन ने जबरदस्ती उनका अनशन तोड़वाया है, वह हारे नहीं हैं। आगे अपनी लड़ाई के लिए कोर्ट जाएंगे।