इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सभी पाठ्यक्रमों के लिए ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा का विकल्प दिए जाने की मांग को लेकर चार दिनों से आमरण अनशन कर रहे छात्रसंघ पदाधिकारियों और छात्रों की तबीयत बिगड़ने लगी है। ज्यादा तबीयत खराब होने पर एक और छात्र संदीप साहू को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अनशन पर बैठे अन्य छात्रों में भी शुगर कम पाया गया है तो कीटोन बढ़ गया है। चिकित्सकों ने लिखकर दे दिया है कि इन्हें स्वरूपरानी अस्पताल में भर्ती करा दिया जाए। अन्यथा, स्थिति बिगड़ सकती है। चिकित्सकों की इस रिपोर्ट के बाद कई थानों की फोर्स के साथ पुलिस विभाग के अफसर उन्हें उठाने के लिए पहुंचे लेकिन छात्र अड़े रहे।
ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा की मांग तथा कुलपति के रवैया से नाराज छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह, उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, महामंत्री सिद्धार्थ सिंह गोलू, संयुक्त मंत्री श्रवण कुमार जायसवाल, अजीत यादव विधायक, मानस शर्मा, सद्दाम, पवन, सूर्य प्रकाश मिश्र, संदीप साहू ने बुधवार को आमरण अनशन शुरू कर दिया था। इनके समर्थन में एक अन्य छात्र मदन लाल ने भी शनिवार को अनशन शुरू कर दियया। तबीयत खराब होने पर श्रवण को शुक्रवार कोे शुक्रवार को ही अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था तो संदीप को शनिवार को अस्पताल ले जाया गया।
विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन की अलग-अलग टीम ने छात्र-छात्राओं की जांच की। जांच में सभी के ब्लड शुगर में कमी पाई गई है। मानस शर्मा में शुगर काफी कम हो गया है। सद्दाम को भी कई बार उल्टी हुई लेकिन ये छात्र अनशन पर अड़े हैं। चिकित्सकों की इस रिपोर्ट के बाद दिन में तकरीबन साढ़े तीन बजे एसपी सिटी कई थाने के फोर्स के साथ अनशनकारियों को उठाने के लिए पहुंचे, लेकिन वे नहीं माने। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों के तीव्र विरोध के बाद पुलिस को भी वापस होना पड़ा।
विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर हर्ष कुमार, चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर एनके शुक्ला आदि ने भी छात्रों से अनशन खत्म करने की अपील की, लेकिन वे नहीं माने। आंदोलन के समर्थन में छात्र-छात्राओं के जमावड़ा के साथ दिन भर अलग-अलग दलों के नेताओं के पहुंचने का क्रम जारी रहा।