बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। कानून का शिकंजा कसने के साथ ही उनके मददगारों ने भी अपने कदम पीछे हटाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार को मुख्तार के खिलाफ दर्ज जानलेवा हमले के एक मामले में उनके दो जमानतदारों ने अपनी जमानते वापस ले ली हैं। इसके बाद मुख्तार को इस मामले में फिर से कस्टडी में लेने का कोर्ट ने आदेश दिया है।
मुख्तार के खिलाफ 2009 में गाजीपुर में जानलेवा हमला और आपराधिक षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें उनको 28 अगस्त 2010 को हाई कोर्ट ने जमानत दे दी थी। मुख्तार की जमानत लेने वाले दो सगे भाई मोहम्मद अकबर एवं मोहम्मद अकमल ने स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए में अर्जी देकर के कहा कि निजी कारणों से उनको शहर से बाहर जाना है। इसलिए वह मुख्तार मुख्तार की जमानत वापस करना चाहते हैं।