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महंत नरेंद्र गिरि केस : आनंद गिरि की जमानत याचिका कोर्ट से खारिज, फिलहाल जेल में ही रहेंगे योगगुरु

Thu, 11 Nov 2021 10:11 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज

सार

बुधवार और बृहस्पतिवार दो दिनों तक जमानत के मुद्दे पर आनंद गिरि के वकीलों ने बहस की। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद न्यायालय ने आनंद गिरि को जमानत देने से इनकार कर दिया।
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Prayagraj News : योग गुरु आनंद गिरि और महंत नरेंद्र गिरि। फाइल फोटो - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व बाघम्बरी मठ के प्रधान महंत नरेंद्र गिरि को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोपी आनंद गिरि को सेशन कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने से इंकार कर दिया है। आनंद गिरि की जमानत अर्जी पर विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट ने सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि आनंद गिरि के विरुद्ध अब तक उपलब्ध साक्ष्यों, अपराध की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए जमानत प्रार्थनापत्र खारिज किए जाने के योग्य है। आनंद गिरी ने कहा साक्ष्य नहीं, झूठा फंसाया

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जमानत प्रार्थनापत्र पर आंनद गिरि का पक्ष रख रहे अधिवक्ताओं इमरानउल्लाह, हरिकृष्ण पांडेय, विनीत विक्रम और पल्लवी शर्मा की दलील थी कि इस मामले में प्राथमिकी देर से दर्ज कराई गई। विलंब की वजह तथ्यों में तोड़मरोड़ कर झूठ साक्ष्य तैयार करना है। दर्ज प्राथमिकी में ऐसा कोई तथ्य नहीं है, जिससे आत्महत्या के लिए उकसाने का केस (306 आईपीसी) बनता हो।

अभियुक्त द्वारा मृतक को आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है। मृतक का सुसाइड नोट विवेचक द्वारा सही तरीके से सत्यापित नहीं कराया गया है। इस तकनीकी आपत्ति के अलावा नरेंद्र गिरि को स्वयं साधू और समाजसेवक बताते हुए अच्छे चरित्र का व्यक्ति बताया गया, जिसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। सुप्रीमकोर्ट और हाईकोर्ट द्वारा निर्णीत कई मुकदमों की नजीरें भी पेश की गईं। 

 

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सीबीआई बोली अपराध गंभीर
जमानत प्रार्थनापत्र का सीबीआई के वकील एके सिंह और जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि की ओर से विरोध किया गया। सीबीआई ने कहा कि अभियुक्त का नाम सुसाइड में है, जिसका सत्यापन कराया गया है। मृतक ने अपने मोबाइल में एक वीडियो भी बनाया है। दोनों चीजें घटनास्थल से बरामद हुई हैं। अभियुक्त पर नरेंद्र गिरि को परेशान करने का आरोप है, जिससे ऊबकर उसने आत्महत्या कर ली। कोर्ट ने कहा कि केस डायरी पर गवाहों के बयान में अभियोजन का समर्थन किया गया है। ऐसी स्थिति में अपराध की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए जमानत का कोई आधार नहीं है।
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आनंद गिरि की आवाज के नमूने की अर्जी पर सुनवाई आज
महंत नरेंद्र गिरि को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में जेल में बंद आनंद गिरि की आवाज के नमूने का परीक्षण कराने की सीबीआई की अर्जी पर सुनवाई के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरेंद्र नाथ ने 12 नवंबर की तिथि नियत की है। अदालत ने कहा कि 12 नवंबर को आनंद गिरि सहित तीनों आरोपितों की न्यायिक अभिरक्षा भी समाप्त हो रही है। न्यायिक अभिरक्षा और आवाज परीक्षण नमूने की अर्जी दोनों की एक साथ सुनवाई  की जाएगी। मामले की विवेचना कर रहे सीबीआई के अधिकारी केएस नेगी ने सीजेएम की अदालत में अर्जी दाखिल कर नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में सच्चाई को सामने लाने के लिए आनंद गिरि की आवाज का नमूना लिए जाने की अनुमति मांगी है। संवाद
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