Prayagraj News : स्काई डाइविंग करने वाली अनामिका।
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संगमनगरी की अनामिका शर्मा ने महज 21 वर्ष की उम्र में सबसे कम उम्र की पेशेवर महिला स्काइ डाइवर बनकर इतिहास रच दिया है। अनामिका के साथ-साथ उनके पिता भी स्काइ डाइविंग करते हैं। पूरे देश में पिता-पुत्री की पहली जोड़ी है, जोकि हजारों फुट ऊंचाई से विमान से छलांग लगाती है।
धूमनगंज निवासी अजय कुमार शर्मा एयरफोर्स में स्पेशल पैरा ग्रुप में जूनियर वारंट अफसर रह चुके हैं। दो बेटियों के पिता अजय कुमार ने बताया कि छोटी बेटी अनामिका ने पहली बार 10 वर्ष की उम्र में म.प्र. के सागर में हवाई जहाज से छलांग लगायी थी।
दस हजार फुट की ऊंचाई से छलांग लगाने वाली बेटी का हौसला देख पिता अजय ने उसे पेशेवर स्काइ डाइवर बनाने का संकल्प लिया। अनामिका दस अलग-अलग तरह के पैराशूट और छह अलग-अलग एयरक्राफ्ट से 42 बार छलांग लगा चुकी हैं। अनामिका ने कक्षा एक से 12 तक की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय मनौरी से की है। वर्तमान में बंगलूरू के इंजीनियरिंग कॉलेज से द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं।
खास बात यह है कि पिता और पुत्री की एक मात्र जोड़ी है जो पेशेवर स्काई-डाइवर है। अनामिका ने 21 साल की उम्र में दुबई ड्रॉप जोन में यूनाइटेड स्टेट पैराशूट एसोसिएशन (यूएसपीए) से ए श्रेणी का पेशेवर लाइसेंस प्राप्त किया। वो देश की पांचवीं पेशेवर स्काईडाइवर हैं।
अनामिका के पिता ने बताया कि पेशेवर स्काइ-डाइवर के रूप में लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अनामिका को अगस्त-सितंबर 2021 में मास्को में और दुबई में प्रशिक्षित किया गया था। अजय बताते हैं कि बेटी का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में शामिल कराने के लिए वह कवायद कर रहे हैं। उन्होंने राज्य महिला आयोग से भी संपर्क किया है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने देश में स्काइ डाइविंग को बढ़ावा देने के लिए नेशनल एयरो स्पेस पॉलिसी 2022 बनाई है, जिसके तहत अब अपने देश में ही स्काइ डाइविंग के लिए लोगों को प्रशिक्षित किया जा सकेगा। अभी पेशेवर स्काइ डाइविंग सीखने के लिए लोगों को दुबई अथवा यूरोप के देशों में जाना पड़ता है।