प्रयागराज रेलवे स्टेशन सिविल लाइन वाहन चालकों को दी जा रही ई रसीद।
प्रयागराज। प्रयागराज छिवकी की तरह प्रयागराज जंक्शन के भी सिविल लाइंस साइड स्थित पार्किंग व्यवस्था को लेकर रेलवे की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। यहां पार्किंग शुल्क तो लिया जा रहा है लेकिन सुरक्षा की जिम्मेदारी से रेलवे और ठेकेदार पल्ला झाड़ रहे हैं। यहां यात्रियों को जो वाहन पर्ची दी जा रही है उसमें स्पष्ट रूप से पार्किंग एट ओन रिस्क (स्वयं के जोखिम पर पार्किंग) लिखा हुआ है। इसे लेकर यात्रियों में भी नाराजगी है।
खास बात यह है कि पिछले दिनों प्रयागराज छिवकी रेलवे स्टेशन की भी वाहन पार्किंग में वाहन खड़ा करने वालों को जो रसीद दी जा रही थीं उसमें भी पार्किंग एट ओनर रिस्क लिखा हुआ था। तब इस प्रकरण पर अधिवक्ता गोपाल जी खरे ने लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
अमर उजाला में जब खबर प्रकाशित हुई तब रेलवे ने मामले की जांच शुरू की। ठेकेदार को निर्देश दिया गया कि वह पार्किंग रसीद जारी करने वाले सॉफ्टवेयर का अपडेट करें। रेलवे प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया शुल्क लेने के बाद सुरक्षा की जिम्मेदारी से कोई पल्ला नहीं झाड़ सकता।
फिलहाल अब रेलवे की कार्यशैली पर एक बार फिर से सवाल खड़े हुए हैं। प्रयागराज जंक्शन के सिविल लाइंस साइड में वाहन पार्किंग में जो पर्ची दी जा रही है उसमें पार्किंग एट ओनर रिस्क ही लिखा हुआ है। खास बात यह है कि छिवकी और प्रयागराज जंक्शन पर वाहन पर्ची देने वाली एक ही फर्म है। दोनों ही स्टेशन पर दी जाने वाली पर्ची पर फर्म का नाम ओम साई सिद्धि लिखा हुआ है।
इस बारे में प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित कुमार सिंह ने बताया कि अगर पर्ची पर पार्किंग एट ओनर रिस्क लिखा है तो यह गलत है। संबंधित फर्म से इस बारे में जवाब मांगा जाएगा। कहा जाएगा कि वाहन पर्ची से पार्किंग एट ओनर रिस्क हटाया जाए।