कोरोना महामारी से बचाव के लिए शत प्रतिशत लोगों को टीकाकरण के प्रयास जारी हैं। जिले में 15 से 17 साल के किशोरों को महामारी से बचाने के लिए टीकाकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके लिए अभियान भी चलाया गया, जिसमें स्वास्थ्य विभाग अब तक 97 फीसदी किशोरों को पहली डोज दे चुका है। लेकिन पहली डोज के 28 दिनों के अंतर पर लगने वाली दूसरी डोज का लक्ष्य पाना चुनौती बना हुआ है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की टीमें टीकाकरण के लिए स्कूलों में विशेष अभियान चलाने की तैयारी में जुट र्गइं हैं।
किशोरों को दूसरी डोज देने के लिए विभाग की ओर से शुरू किये जा रहे अभियान में अब स्कूलों को पहल करनी होगी, जिससे यह लक्ष्य भी समय से पूरा हो सके। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक स्कूलों में परीक्षाओं के कारण दूसरी डोज के वैक्सीनेशन में दिक्कत आ रही है।
यूपी बोर्ड के स्कूलों में बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं, जबकि सीबीएसई और सीआईएससीई स्कूलों में बोर्ड परीक्षाएं अभी प्रस्तावित हैं। ऐेसे में विभाग की तरफ से स्कूलों में शिविर लगाने में दिक्कत आ रही है। इसलिए जरूरी है कि किशोरों के टीकाकरण के लिए स्कूल खुद आगे आएं। शहरी क्षेत्र में स्कूल अर्बन पीएचसी के प्रभारी से संपर्क करके अपने यहां टीकाकरण के शिविर लगवा सकते है। ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लाक स्तर पर अधीक्षक से स्कूल संपर्क कर सकते हैं।
40 फीसदी के भीतर ठहरा है दूसरी डोज का लक्ष्य
किशोरों के टीकाकरण की शुरुआत 3 जनवरी 2022 से हुई थी। उस समय पहली डोज लेने के लिए किशोरों में गजब का उत्साह दिखाई दिया था। लेकिन उसके बाद ज्यादातर स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं हो र्गइं, जिससे दूसरी डोज का समय पूरा होने के बाद भी किशोर टीकाकरण केंद्रों पर नहीं पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग ने 4,17,617 किशोरों को दूसरी डोज देने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें अभी तक सिर्फ 39.57 प्रतिशत किशोरों का टीकाकरण हो सका है। ऐसे में विभाग की ओर से स्कूलों से इसके लिए मदद मांगी जा रही है।
परीक्षाओं के कारण किशोरों को दूसरी डोज देने की रफ्तार बेहद धीमी है। ऐसे में स्कूलों को पहल करके अपने यहां विशेष कैंप लगवाना चाहिए। इसके लिए स्कूल स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर सकते हैं। - डॉ. तीरथ लाल, टीकाकरण प्रभारी, प्रयागराज