आठ घंटे की नींद जरूरी--- मुंबई सिऑन आस्पताल के विभागाध्यक्ष साइकेट्री प्रोफेसर निलेश शाह ने अनिद्रा पर अपना व्याख्यान देते हुए बताया कि इंसान के रात के समय आठ घंटे की नींच जरूरी है। सोने में कठिनाई, रात के समय जागना, कम समय के लिए ही सोना, दिनभर बेचैनी, दिन में नींद आना, सोने से पहले चिंता और तनाव, चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन, चिंता, भुलक्कड़पन, एकाग्रता में कमी, ध्यान देने में कठिनाई सहित अन्य समस्याएं हैं, तो उसका तुरंत उपचार जरूरी है।
मेडफारमिन दवा मोटापे को कम करने में कारगर--- नई दिल्ली एम्स मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. नवल विक्रम ने बताया कि शुगर के इलाज में प्रयोग होने वाली मेडफारमिन दवा मोटापे से पीड़ित लोगो को वजन कम करने के लिये भी दी जा सकती है। वर्तमान समय में अन्य कई नई दवाएं इसके इलाज में उपयोगी साबित हो रही है। दवा के साथ-साथ आहार में परिवर्तन कैलोरी कम करना और स्वस्थ खान-पान की आदतें अपनाना महत्वपूर्ण है।
कैंसर रोगी का जीवित रहना ही मूल विचार---राजीव गांधी कैंसर संस्थान के सर्जिकल ऑनाकोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. एके दिवान ने कहा कि कैंसर रोगी के लिये बीमार होते हुए भी जीवित रहना ही एक मूल विचार उसके मन में रहता है। विशेषज्ञ के लिये यह भी एक चुनौती समान है। वर्तमान परिवेश में आधुनिक औषधियों, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी के आधुनिकीकरण तथा पीईटी व सीटी इमेंजनिंग के माध्यम से कैंसर की पहचान में परिपक्वता तथा कैंसर के रोगियों को किस प्रकार का इलाज बेहतर होगा यह सुनिश्चित करने में आसानी हो रही है।