नगर पंचायत में विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आक्रोशित सभासदों ने एसडीएम बारा और डीएम से शिकायत कर जांच की मांग की थी। कार्रवाई न होने पर नगर पंचायत के नौ सभासदों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है।
सभासद राम कैलाश सिंह, कमलेश कुमार, पूजा साहू, रंजना भारती, मो. शफीक, सतीश त्रिपाठी, प्रकाश चंद्र समेत अन्य ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता हुई है। बीते वित्तीय वर्षों की आय-व्यय की प्रमाणित प्रतियां मांगने पर उपलब्ध नहीं कराई गईं।
इसके अलावा, पेयजल योजना के तहत बनाए गए जल संचय टैंक मानक के अनुरूप नहीं होने, डीजल-पेट्रोल की सरकारी पर्चियां कार्यालय के बजाय अध्यक्ष के आवास पर रखे जाने का आरोप लगाया गया है।
उनका कहना है कि अधिशासी अधिकारी की ओर से टेंडर प्रक्रिया में मनमानी कर चहेते ठेकेदारों को कार्य दिया गया। सभासदों ने यह भी आरोप लगाया कि वाहन मरम्मत के नाम पर बाहरी जिलों की फर्जी पर्चियां लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को डीएम को ज्ञापन सौंपा गया था। बावजूद इसके जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो सभासदों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया।