इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफ़ेसर राजीव रंजन तिवारी ने 22 जुलाई 2020 को महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा का उद्घाटन किया था। इस प्रतिमा के नीचे लगे शिलापट पर अंकित था कि इस प्रतिमा की स्थापना प्रोफ़ेसर तिवारी ने कराई।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में महामना मदन मोहन मालवीय की मूर्ति की स्थापना का श्रेय लेने की होड़ मची हुई है। इस मूर्ति की स्थापना पूर्व कुलपति प्रोफ़ेसर राजीव रंजन तिवारी के कार्यकाल में की गई थी। मूर्ति के नीचे लगे शिलापट पर प्रोफेसर तिवारी का नाम दर्ज था, लेकिन रातोंरात अचानक शिलापट बदल दिया गया और उस पर वर्तमान कुलपति प्रोफ़ेसर संगीता श्रीवास्तव का नाम दर्ज कर दिया गया।
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छात्र नेताओं ने इसे धोखाधड़ी बताते हुए कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफ़ेसर राजीव रंजन तिवारी ने 22 जुलाई 2020 को महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा का उद्घाटन किया था। इस प्रतिमा के नीचे लगे शिलापट पर अंकित था कि इस प्रतिमा की स्थापना प्रोफ़ेसर तिवारी ने कराई। कुछ दिनों पहले अचानक शिलापट को बदल दिया गया और उस पर प्रोफ़ेसर राजीव रंजन तिवारी की जगह वर्तमान कुलपति प्रोफ़ेसर संगीता श्रीवास्तव का नाम लिख दिया गया।
अचानक हुए इस बदलाव से सभी हैरान हैं। छात्र नेताओं ने तो इसे धोखाधड़ी और फ्रॉड करार दिया है। विश्वविद्यालय के छात्र नेता अजय यादव सम्राट ने कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। साथ ही मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाए और जो लोग भी इसके पीछे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।