prayagraj news : इलाहाबाद विश्वविद्यालय।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में परीक्षाएं ऑनलाइन होंगी या पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएंगी, इस पर निर्णय होली के बाद लिया जाएगा। विश्वविद्यालय में 22 अप्रैल से स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की ऑफलाइन परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, जबकि हजारों की संख्या में छात्रों ने ऑनलाइन परीक्षाओं के पक्ष में विश्वविद्यालय प्रशासन को अपने आवेदन दिए हैं।
आवेदनों की समीक्षा होली के बाद जाएगी और इसी आधार पर कोई निर्णय लिया जाएगा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय और संघटक महाविद्यालयों के छात्र लगातार मांग कर रहे हैं कि परीक्षाएं ऑनलाइन मोड में ही आयोजित की जाएं। उनका तर्क है कि साल भर ऑनलाइन मोड में कक्षाओं का संचालन किया गया था, ऐसे में परीक्षाएं भी ऑनलाइन मोड में होनी चाहिए।
इस मुद्दे पर छात्रों की ओर से आंदोलन किए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वविद्यालय और संघठक महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं से परीक्षाओं के मुद्दे पर अपनी राय देने के लिए आवेदन मांगे थे। अकेले इलाहाबाद विश्वविद्यालय में ही 7000 आवेदन आए हैं, जिनमें से 5500 आवेदन ऑफलाइन माध्यम से चीफ प्रॉक्टर ऑफिस में जमा किए गए हैं जबकि बाकी 1500 आवेदन ऑनलाइन माध्यम से ईमेल पर प्रेषित किए गए हैं।
इसके अलावा संघटक महाविद्यालयों में भी हजारों की संख्या में फॉर्म जमा हुए हैं। ये सभी फार्म उच्चस्तरीय कमेटी को प्रेषित कर दिए गए हैं। इनमें से कुछ आवेदन ऑफलाइन परीक्षाओं के पक्ष में दिए गए हैं, जबकि ज्यादातर आवेदन ऑनलाइन परीक्षाएं कराए जाने के पक्ष में जमा किए गए हैं।
अब इन आवेदनों की छंटनी होनी है और यह प्रक्रिया होली के बाद शुरू होगी। आवेदनों की छंटनी के बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी और रिपोर्ट के आधार पर निर्णय होगा कि परीक्षाएं ऑनलाइन मोड में हों या फिर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएं।