जिला न्यायालय ने बहन की हत्या की में मुट्ठीगंज निवासी अभिनव केसरवानी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि बहन की हत्या गंभीर मामला है। लिहाजा, आरोपी जमानत पाने का हकदार नहीं है। यह आदेश जिला नलिन कुमार श्रीवास्तव ने जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि को सुनकर दिया।
घटना 19 जुलाई 2020 की मुट्ठीगंज थाने की है। वादी नंद कुमार केशरवानी ने एफआईआर दर्ज कराई की कि उसकी बेटी नैंसी केशरवानी सो रही थी। तभी, उसका बेटा अभिनव केशरवानी अपने हाथ में राड लेकर आया और नैंसी के सिर पर जोर से मारा। वह दो बार वहीं पर मारा। जिससे उसकी बेटी बेहोश होकर गिर गई। आदेश के मुताबिक उसकी लड़की और लड़के के बीच पहले से ही मुकदमा चल रहा था, जिसकी वजह से लड़के ने यह घटना कारित की।
उसने अपनी बेटी को बेहोशी की हालत में जीवन ज्योति अस्पताल में भर्ती कराया। याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया है याची निर्दोष है। उसे दोनों के बीच विवाद होने के कारण झूंठा फंसाया गया है। जबकि, अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध किया। कहा कि घटना याची ने ही कारित की है। घटनास्थल से राड भी बरामद हुई है। कोर्ट ने परिस्थितियों को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।