इलाहाबाद विवि में सूर्य का अध्ययन करने वाला यंत्र उच्च ताप तारकीय भट्ठी।
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सूर्य के अध्ययन के लिए आकाश में आदित्य एल-1 के जरिये स्थापित की जा रही प्रयोगशाला से 125 दिनों बाद तस्वीरें मिलने लगेंगी। आदित्य एल-1 हर मिनट में एक तस्वीर भेजेगा। 24 घंटे में 1430 से 1440 तस्वीरें मिलेंगी। विश्लेषण के लिए इन तस्वीरों को देश भर के उन विश्वविद्यालयों में भेजा जाएगा, जहां सूर्य पर अध्ययन हो रहा है। इविवि भी इन तस्वीरों का अध्ययन करेगा। इविवि में वर्ष 1927 से इस दिशा में काम हो रहा है।
इविवि में वर्ष 1927 में प्रो. मेघनाद साहा ने उच्च ताप तारकीय भट्ठी बनाई थी। देश में बनी यह पहली भट्ठी थी, जिसमें 200 डिग्री सेल्सियस तक तापमान बढ़ाया जा सकता था। तब बिजली भी नहीं हुआ करती थी। बिजली की सुविधा उपलब्ध होने के बाद इस भट्ठी का तापमान अब 3600 डिग्री सेल्सियस तक किया जा सकता है।