17 फरवरी को मेन गेट कर दिया गया था बंद
एनएसयूआई के छात्र नेता अभिषेक द्विवेदी को जारी नोटिस में कहा गया है कि उन्होंने 17 फरवरी को विश्वविद्यालय परिसर का मेन गेट बंद कर दिया, जिससे पूरे परिसर में आवागमन ठप रहा। इसके बाद 19 फरवरी को विज्ञान संकाय में 40-50 छात्रों के साथ हंगामा करते हुए कक्षाओं को बाधित किया और डीन कार्यालय में भी कामकाज को प्रभावित किया।
नोटिस में दो नवंबर एवं पांच नवंबर 2019 की उन घटनाओं का भी जिक्र किया गया है, जिसमें छात्र नेता अभिषेक पर अपने सहपाठी छात्र से गालीगलौज करने और उसे पीटने का आरोप लगा था। नोटिस में कहा गया है कि अभिषेक द्विवेदी का विद्यालय परिसर में प्रवेश तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाता है।
वहीं, छात्र नेता अमन शुक्ला को जारी निलंबन नोटिस में कहा गया है कि अमन ने 14 फरवरी को विश्वविद्यालय परिसर में चल रही कक्षाओं को बाधित करते हुए परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का घेराव किया और 17 फरवरी को विश्वविद्यालय का मेन गेट बंद कर परिसर में आवागमन को प्रभावित किया और 19 फरवरी को विज्ञान संकाय में हंगामा किया।
अनुशासनहीनता के आरोप में कार्रवाई
इससे पूर्व 12 जनवरी को कुलपति कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया और कुलपति के वाहन को रोकने का प्रयास किया। चीफ प्रॉक्टर ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए अमन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और निर्देश दिए हैं कि 25 फरवरी को चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में अपने अभिभावक के साथ उपस्थित होकर लिखित स्पष्टीकरण दें।
सत्यम कुशवाहा को जारी नोटिस के अनुसार सत्यम को 31 अगस्त 2020 को विश्वविद्यालय से निलंबित कर दिया गया था। इसके बावजूद सत्यम ने वर्ष 2020 से लगातार विश्वविद्यालय के कार्यों में बाधा पहुंचाई और 17 एवं 18 फरवरी को परिसर का मेन गेट बंद कर सरकारी कार्यों में बाधा पहुंचाई।
शिक्षकों एवं कर्मचारियों को देर रात तक परिसर में रुकना पड़ा, जिससे उनका शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न हुआ। सत्यम का परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित करने के साथ विश्वविद्यालय एवं संघटक महाविद्यालय में किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश न दिए जाने का आदेश जारी किया गया है, जो एक तरह से निष्कासन है।
कुलपति कार्यालय पर दिन भर चला धरना
कुलपति कार्यालय के सामने छात्र दिन भर धरने पर बैठे रहे। छात्र मांग कर रहे थे कि सोमवार को उच्च स्तरीय कमेटी और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता के बाद तत्काल यह स्पष्ट किया जाए कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन परीक्षाओं के आयोजन को लेकर क्या निर्णय लिया है। शाम पांच बजे तक इंतजार किया गया और इसके बाद छात्रों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया।
इस बीच मौके पर पहुंचे चीफ प्रॉक्टर प्रो. हर्ष कुमार और छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। उन्होंने छात्रों को कुलपति कार्यालय के सामने से उठने को कहा। सुरक्षा कर्मियों की मदद से छात्रों को वहां से हटाया गया और इसके बाद छात्र परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के सामने जाकर आमरण अनशन पर बैठ गए।
सत्यम ने इसी वर्ष एमए में लिया है प्रवेश
छात्र नेता सत्यम कुशवाहा के अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासन गलत दावा कर रहा है कि वह विश्वविद्यालय के छात्र नहीं हैं। सत्यम ने मौजूदा सत्र 2021-22 में एमए दर्शनशास्त्र में प्रवेश लिया है और इसके लिए शुल्क भी जमा कर दिया है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन किस आधार पर आदेश जारी कर रहा है कि उन्हें विश्वविद्यालय या संघटक कॉलेजों में किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सत्यम का कहना है कि वह विश्वविद्यालय के छात्र हैं और परिसर में आएंगे।