इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. केएस मिश्र 15 जुलाई को रिटायर हो जाएंगे और इसके बाद आने वाले अगले कार्यवाहक और फिर नियमित कुलपति के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रसंघ होगा। छात्र नेताओं ने सोमवार को कार्यवाहक कुलपति के साथ विभिन्न मुद्दों पर वार्ता की और उन्हें ज्ञापन भी सौंपा। छात्र नेताओं ने मांग की कि इविवि छात्रसंघ भवन का ताला खुलवा दिया जाए, ताकि छात्र संगठनों की ओर से वहां कार्यक्रम आदि आयोजित किए जा सकें।
वार्ता के दौरान कार्यवाहक कुलपति से मांग की गई कि छात्रसंघ भवन का ताला तत्काल खोला जाए, छात्रों के खिलाफ निष्कासन, निलंबन एवं ब्लैक लिस्ट किए जाने की कार्रवाई वापस हो, आरोपी ठेकेदार एवं उसके बेटे के खिलाफ छात्रा उत्पीड़न का मुकदमा इविवि की ओर से दर्ज कराया जाए, महिला छात्रावास की मेस में डाइट के हिसाब से चार्ज किया जाए और 12 महीनों की फीस लेकर छात्र-छात्राओं को 12 माह के लिए हास्ॅटल आवंटित किया जाए। इसके साथ ही रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी एवं ज्वाइंट रजिस्ट्रार को पद से हटाए जाने की मांग की गई। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि वे जांच को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।
हालांकि इन मांगों से इतर आने वाले समय में छात्रसंघ की बहाली बड़ा मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है और अगले कुलपति के लिए यही चुनौती साबित होगा, क्योंकि इविवि में छात्रसंघ को समाप्त कर छात्र परिषद के गठन के निर्णय के बाद ही प्रो. हांगलू को सभी छात्र संगठनों का तीव्र विरोध झेलना पड़ा था। वार्ता में कार्यवाहक कुलपति ने छात्र नेताओं को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर उचित विचार किया जाएगा। इस दौरान डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार, छात्र नेता अखिलेश यादव, ऋचा सिंह आदि मौजूद रहे।