इविवि में शिक्षक भर्ती की स्क्रीनिंग प्रक्रिया पर सवाल
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के गांधी एवं शांति अध्ययन सस्थान में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए छह नवंबर को इंटरव्यू होने जा रहा है। इंटरव्यू से पहले हुई अवेदनों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया को लेकर एक अभ्यर्थी ने सवाल उठाते हुए धांधली के आरोप लगाए हैं। अभ्यर्थी डॉ. अंकित पाठक का आरोप है कि इंटरव्यू में ऐसे अभ्यर्थियों को शामिल किया जा रहा है, जिनका गांधी एवं शांति अध्ययन पर कोई शोध कार्य नहीं है। इसी तरह जो अभ्यर्थी गांधी एवं शांति अध्ययन विषय पर नेट या पीएचडी नहीं हैं, उन्हें भी साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है। एपीआई स्कोर पर अभ्यर्थियों को आपत्ति का मौका भी नहीं दिया गया, जबकि अन्य विश्वविद्यालय इस प्रक्रिया का पालन करते हैं।
डॉ. अंकित ने मांग की है कि अभ्यर्थियों को आपत्ति का मौका दिया जाए और आवेदनों की स्क्रीनिंग पुन: कराई जाए। उधर, इविवि की पीआरओ डॉ. जया कपूर का कहना है कि गांधी स्टडीज एक अंतरविषयक सेंटर है और कई विषय इसकी परिधि में आते हैं। आवेदक भी विभिन्न विषयों के होते हैं। जहां तक स्क्रीनिंग प्रक्रिया की बात है तो यह प्रक्रिया पूरी तरह से यूजीसी रेगुलेशन 2018 के अनुसार कराई जा रही है। इसमें पूरी पारदर्शिता रखी गई है। स्क्रीनिंग कमेटी में सदंर्भित विषय के विशेषज्ञ होते हैं जो नियमानुसार स्क्रीनिंग करते है। ऐसे में किसी प्रकार की धांधली का आरोप गलत एवं निराधार है।