अब तक दूसरे विषय में पीजी के लिए उन अभ्यर्थियां को मौका दिया जाता था, जो पहली बार किए गए पीजी में 60 फीसदी या अधिक अंक प्राप्त करते थे। अब इसमें बदलाव किया गया है। पीजी में अब अंकों की जगह ग्रेड प्रदान किए जाते हैं।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) एवं इसके संघटक महाविद्यालयों से दूसरी बार परास्नातक (पीजी) करने के इच्छुक अभ्यर्थियों को अब बताना होगा कि वह दूसरे विषय में पीएचडी क्यों करना चाहते हैं। साथ ही दूसरे विषय से पीजी करने का मौका उन्हीं अभ्यर्थियों को मिलेगा, जिन्होंने पूर्व में पीजी के दौरान ग्रेड-9 प्राप्त किया है।
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अब तक दूसरे विषय में पीजी के लिए उन अभ्यर्थियां को मौका दिया जाता था, जो पहली बार किए गए पीजी में 60 फीसदी या अधिक अंक प्राप्त करते थे। अब इसमें बदलाव किया गया है। पीजी में अब अंकों की जगह ग्रेड प्रदान किए जाते हैं। नई व्यवस्था के तहत दोबारा पीजी करने के इच्छुक उन्हीं अभ्यर्थयों को मौका मिलेगा, जिन्होंने ग्रेड-9 प्राप्त किया है। ग्रेड-9 को अंकों में परिवर्तित करने पर 70 फीसदी से अधिक अंक होते हैं।
इसके साथ ही दोबारा पीजी करने के इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन के वक्त कारण स्पष्ट करना होगा कि वह फिर से पीजी क्यों करना चाहते हैं। अगर वे किसी संस्थान में कार्यरत हैं तो नियोक्ता प्रमाणपत्र देना होगा। नए सत्र 2022-23 में पीजी प्रवेश के लिए इविवि प्रशासन जल्द ही आवेदन की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। इसके लिए एजेंसी का चयन हो चुका है। नए सत्र से बदलाव को लागू किए जाने की तैयारी है।