फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj: वॉशआउट के बाद नियमित रूप से निगरानी के लिए गठित होगी टीम, पुलिस करेगी मदद

Fri, 15 Dec 2023 01:11 PM IST
अनुज कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के हॉस्टलों में वॉशआउट होगा। चीफ प्रॉक्टर ने पुलिस प्रशासन और हॉस्टलों के अधीक्षकों के साथ बैठक की। वॉशआउट के बाद नियमित रूप से निगरानी के लिए टीम का गठन होगा।
विज्ञापन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) हॉस्टलों में वॉशआउट की कार्रवाई शुरू करने जा रहा है। बृहस्पतिवार को चीफ प्रॉक्टर और पुलिस प्रशासन के बीच हुई बैठक में तय हुआ कि इस बाबत जल्द ही एक कार्ययोजना तैयार कर अभियान चलाया जाएगा। चीफ प्रॉक्टर ने हॉस्टलों के अधीक्षकों के साथ भी बैठक की और वॉशआउट के बाद हॉस्टलाें में नियमित निगरानी के लिए टीम गठित करने का निर्णय लिया।

विज्ञापन

पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर कर्नलगंज इंस्पेक्टर बृजेश सिंह और उनके सहयोगियों ने चीफ प्रॉक्टर डॉ. राकेश सिंह के साथ हुई बैठक में पुलिस प्रशासन की ओर से छात्रावासों की अनुशासन व्यवस्था सुधारने के लिए पूरा सहयोग देने के लिए आश्वस्त किया गया। बैठक में तय हुआ कि जल्द ही एक कार्ययोजना तैयार कर हॉस्टलों में वॉशआउट की कार्रवाई की जाएगी।

इसके बाद चीफ प्रॉक्टर की अध्यक्षता में हॉस्टल के अधीक्षकों के साथ हुई बैठक में तय हुआ कि वॉशआउट के बाद हॉस्टलों से जुड़े सभी शिक्षकों, प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों, डीएसडब्ल्यू कार्यालय से संबद्ध शिक्षकों और स्थानीय पुलिस थाना/चौकी के एक टीम बनाई जाएगी, जो समय-समय पर छात्रावासों में जाकर अनुशासन व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेगी।

निर्णय लिया गया कि किसी छात्र के नाम आवंटित कक्ष में कोई दूसरा व्यक्ति रह रहा है और छात्र की ओर से इस आशय की कोई शिकायत अधीक्षक को नहीं दी गई है तो संबंधित अंत:वासी को भी दोषी माना जाएगा और उसका पंजीकरण/प्रवेश तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा। छात्रावास में बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रजिस्टर में उसकी पूरी जानकारी दर्ज की जाएगी और रात आठ बजे के बाद किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन

छात्रावास में अंत:वासी या बाहरी व्यक्ति के चार पहिया वाहनों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। छात्रावासों के मेन गेट पर शक्तिशाली सीसीटीवी कैमरे लगवाने और इसका एक्सेस आईटी सेल के साथ छात्रावास को भी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। यह भी तय हुआ कि हॉस्टलों में तीन साल से अधिक समय से निरंतर कार्यरत कार्यालय सहायकों को स्थानांतरित किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें