हॉस्टलों को पूरी तरह से खाली कराए जाने (वॉश आउट) की कार्रवाई शुरू करने से पहले सभी छात्र-छात्राओं को मौका दिया जाएगा कि वे 18 मई तक हॉस्टल खुद छोड़ दें। इसके बाद 20 मई से पुलिस, विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन की ओर से संयुक्त रूप से अभियान चलाकर हास्टल खाली कराने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। यह निर्णय मंगलवार को डीएम कैम्प ऑफिस में हुई पुलिस, विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन की संयुक्त बैठक में लिया गया।
हॉस्टल छोड़ने वाले कुछ छात्र-छात्राओं के लिए तीन समर हॉस्टल भी बनाए जाने का निर्णय हुआ है, जिसके लिए संबंधित छात्र-छात्राओं को दस मई तक आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर लेनी है। समर हॉस्टल का आंवटन 16 मई को होगा। यह भी तय हुआ कि वैध छात्रों को रिजल्ट घोषित होने के बाद फीस जमा कर विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने और आवेदन करने पर हॉस्टल का पुन: आवंटन शत प्रतिशत सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में डीएम संजय कुमार, एसएसपी शलभ माथुर, एसपी क्राइम प्रकाश स्वरूप पांडेय, एडीएम सिटी पुनीत शुक्ल, विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे, रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला और डीएसडब्ल्यू प्रो. आरकेपी सिंह मौजूद रहे।