फीस वृद्धि के विरोध में फूंका पुतला, वीसी दफ्तर का घेराव
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में सत्र 2022-23 से नव प्रवेशी विद्यार्थियों की तीन से चार गुना फीस वृद्धि के विरोध में छात्रों ने संगठनों ने आंदोलन तेज कर दिया है। छात्र संगठनों की ओर से सोमवार को कुलपति कार्यालय का घेराव किया गया, वीसी का पुतला फंका गया और ज्ञापन भी सौंपा गया।
एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने छात्रसंघ भवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया और कुलपति का पुतला फूंका। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मुरारी यादव और सत्यम कुशवाहा ने कहा कि फीस वृद्धि सीधे तौर पर गरीब परिवार के बच्चों को उच्च शिक्षा से वंचित रखने का फैसला है, जिसका पुरजोर विरोध होगा। इस मौके पर नितिन भूषण, वैभव सिंह, श्वेतांक मिश्रा, अच्युत मिश्रा, सूरज राय, मयंक शुक्ला आदि मौजूद रहे।
एबीवीपी की विश्वविद्यालय इकाई के कार्यकर्ताओं ने फीस वृद्धि का निर्णय वापस लिए जाने की मांग को लेकर कुलपति कार्यालय का घेराव किया और आंदोलन की चेतावनी दी। छात्रों ने ज्ञापन भी दिया। इकाई अध्यक्षा शिवम सिंह ने कहा कि इविवि में ज्यादातर छात्र ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं, जो मध्यम वर्गीय परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। फीस वृद्धि का निर्णय उनकी पढ़ाई में बाधा बनेगा। इस मौके पर प्रांत मंत्री अतेंद्र सिंह, आजार मिश्र, आयुष मौर्य, सत्यम श्याम, अनिरुद्ध पांडेय आदि मौजद रहे।
वहीं, आइसा, दिशा छात्र संगठन और एसएफआई ने भी फीस वृद्धि के विरोध में छात्रसंघ भवन पर प्रदर्शन किया और परिसर में पैदल जुलूस निकालकर कुलपति कार्यालय में ज्ञापन दिया। छात्रों ने कहा कि तीन से चार गुना फीस वृद्धि सार्वजनिक शिक्षण संस्थानों का चोर दरवाजे से निजीकरण की दिशा में बढ़ता कदम है। इससे सबसे अधिक प्रभावित आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवार से जुड़े छात्र प्रभावित होंगे, जिनकी संख्या इविवि में सबसे अधिक है। प्रदर्शन एवं जुलूस में धर्मराज, मनीष, अंकित, अंबरीश, विवेक, सूर्या, अखिलेश, सुरेश, अविनाश आदि शामिल रहे।