दर्शन, कानून और राजनीति से जुड़े विकल्प भी
पाठ्यक्रमों की सूची में जीवन-मूल्यों और भारतीय दर्शन से जुड़े विषय भी शामिल हैं। श्रीमद्भगवद्गीता व तनाव प्रबंधन, बुद्धिज्म व जैनिज्म, गांधीवादी नैतिकता जैसे पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को दर्शन व नैतिकता की समझ देंगे। कानून व राजनीति से जुड़े विद्यार्थियों के लिए भी कई विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। सोसाइटी एंड पॉलिटिक्स, पर्यावरण व राजनीति जैसे विषयों के माध्यम से विद्यार्थी समकालीन सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को समझ सकेंगे।
500 से 2000 रुपये तक शुल्क, कई पाठ्यक्रम निशुल्क
अधिकांश पाठ्यक्रमों की फीस 500 रुपये निर्धारित की गई है। कुछ पाठ्यक्रमों के लिए 1000, 1500 और 2000 रुपये तक शुल्क देना होगा जबकि कई पाठ्यक्रम निशुल्क भी हैं। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक पाठ्यक्रम में सीटें सीमित हैं। अलग-अलग पाठ्यक्रमों में 20, 30, 40 और 50 सीटों की सीमा तय की गई है।
विद्यार्थियों को 21 अगस्त तक ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। सीटों का आवंटन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। तीसरे सेमेस्टर के विद्यार्थियों को ऐसा पाठ्यक्रम चुनना होगा जो उन्होंने पहले व दूसरे सेमेस्टर में लिए गए कौशल संवर्धन या क्षमता संवर्धन पाठ्यक्रम से अलग हो।