प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विधि विभाग एवं सेंटर फॉर वूमेन स्टडीज के संयुक्त तत्वावधान में बृहस्पतिवार को ‘स्त्री एवं कानून’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें ट्रेनर एवं विशेषज्ञ रिचा चड्ढा ने ऑडियो-वीडियो के माध्यम से स्त्रियों पर हो रहे अत्याचार एवं भेदभाव पर कानूनी प्रावधानों और उपचारों के साथ अपनी बात रखी।
रिचा का संवाद मूलभूत अधिकारों एवं कानूनी उपचारों पर सीमित रहे। उन्होंने घरेलू हिंसा से लेकर कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न पर भी अपनी बात रखी। साथ ही विशाखा केस, रूपन देवता बजाज केस, भंवरी देवी का उदाहरण देते हुए सुप्रीमकोर्ट के कई महत्वपूर्ण निर्णयों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एक बार स्त्री की ना है तो ना समझा जाए। किसी भी तरह की जोर जबरदस्ती हिंसा मानी जाएगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. आरके चौबे एवं संचालन डॉ. श्लेष गौतम ने किया। इस मौके पर प्रो. अनामिका राय, विजय लक्ष्मी सिंह, प्रीति उत्तरम, गुरु प्रसाद सिंह, विजय, राजेश सिंह समेत तमाम छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।