विधि संकाय के कांफ्रेंस हॉल में हुई बैठक में इस बात पर विस्तार से चर्चा की गई कि नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए विश्वविद्यालय की नीति क्या होगी। डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. एसआई रिजवी ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विजन डॉक्युमेंट प्रस्तुत किया। नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय का ग्रेजुएशन कोर्स चार साल का हो जाएगा। निर्णय लिया गया कि सभी विभाग नए स्नातक कोर्स से संबंधित प्रस्ताव पावर प्वाइंट के जरिये आगामी बैठक में प्रस्तुत करेंगे।
कोर्स में कुछ अन्य इलेक्टिव विषयों के माध्यम से इसे सृजनात्मक बनाने की कोशिश की जा रही है। कोर्स में अंतर विषयक प्रणाली को भी जगह दी जा रही है । इसके साथ तमाम स्किल डेवलपमेंट कोर्सेज जैसे संगीत, खेल, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन और क्लाइमेट चेंज भी प्रस्तावित हैं। इसके अलावा कई भाषाओं के कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव है, जिसमें भारतीय भाषाओं के साथ कई विदेशी भाषाओं में भी छात्रों को पारंगत किया जाएगा।