इलाहाबाद जंक्शन पर बनाए गए यात्री बाड़े में भारी भीड़ के कारण रविवार को भगदड़ जैसी स्थिति रही। यात्री बाड़े में भीड़ का दबाव इस कदर रहा कि खड़े होने तक की जगह नहीं रही। इस अव्यवस्था के बीच दो बुजुर्ग महिला यात्री बेहोश हो गईं। सूचना मिलने पर मौके पर मौजूद डॉक्टरों की टीम ने दोनों यात्रियों को बाड़े से बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार किया। बाद में उन्हें स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल भेजा गया।
बताया गया कि इस दौरान रेल अधिकारी मंत्री की आवभगत में लगे रहे। रेल मंत्री रविवार को शहर में थे। जिस समय बाड़े में भगदड़ की स्थिति बनी, दो लोग बेहोश हुए, उस समय रेलमंत्री स्टेशन पर ही थे लेकिन न तो मंत्री, न ही किसी ही अधिकारी ने बिगड़ी व्यवस्था संभालने की जहमत उठाई।
महाशिवरात्रि पर जंक्शन के अन्य यात्री बाड़ों के मुकाबले यात्री बाड़ा संख्या चार में भीड़ कुछ ज्यादा रही। इस बीच रेलमंत्री पवन बंसल प्लेटफार्म नंबर एक का निरीक्षण कर रहे थे। प्लेटफार्म पर भीड़ न बढ़े इसलिए यात्रियों को बाड़े में ही रोक लिया गया। अचानक यात्रियों को रोक लेने से चार नंबर यात्री बाड़े में पीछे से आने वाली भीड़ का दबाव बढ़ता गया। थोड़ी देर में वहां अफरातफरी मच गई।
तेज धूप और भारी भीड़ के कारण बाड़े में आगरा की माया देवी (52) एवं बक्सर की सबुरी देवी (54) ज्यादा देर तक खड़ी नहीं हो सकीं और गिर गईं। दोनों यात्रियों के गिरते ही बाड़े में शोर शराबे के बीच भगदड़ मच गई। हालांकि भगदड़ अंदर ही सिमटी रह गई। पुलिसवालों ने हालात नियंत्रित कर डॉक्टरों को बुलवाया।
भीड़ के कारण गेट नंबर पर तीन पर भी देर तक हंगामे की स्थिति रही। महाशिवरात्रि स्नान के साथ रविवार को स्टेशन पर प्रतियोगी छात्रों की भी भीड़ थी। शहर के कई केंद्रों पर कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा थी। रेलवे स्टेशन पर सिविल लाइंस साइड से किसी को अंदर नहीं जाने दिया गया। लिहाजा भीड़ केवल सिटी साइड से गई। वहां स्नानार्थियों के साथ छात्रों के भी जमा होने से दबाव काफी बढ़ गया।
प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बुजुर्ग महिलाओं को एसआरएन अस्पताल भेजा गया, जहां देर रात तक उनका उपचार जारी रहा। एनसीआर के सीपीआरओ संदीप माथुर का कहना है कि तेज धूप की वजह से दोनों यात्रियों को चक्कर आ गया था। उन्हें डॉक्टरों ने तत्काल ही प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई।