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अर्द्धकुंभ के पहले तक अस्त-व्यस्त रहेगा शहर

Fri, 15 Jan 2016 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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 अर्द्धकुंभ मेला के पहले गंगा के अविरल और निर्मल होने की कोई संभावना नहीं है तो इस अवधि तक शहर का बड़ा हिस्सा भी अस्त-व्यस्त रहेगा। शहर में सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है, जो वर्ष 2018 तक चलेगा। कुछ हिस्सों में सीवर लाइन बिछाने का काम 2017 में तो शेष काम उसके एक वर्ष बाद पूरा होगा। वर्ष 2013 महाकुंभ के पहले भी सीवर लाइन बिछाने और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के दौरान भी शहर के बड़े हिस्से का यही हाल था। उस दौरान सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें कई जगह अब तक  धंस रही हैं। वर्तमान में जिन भी इलाकों में सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदाई हो रही, वहां अर्द्धकुंभ के पहले ही सड़क के पूरी तरह दुरुस्त होने की उम्मीद है।
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गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए शहर में सीवर लाइन बिछाई जा रही है।

 डिस्ट्रिक्ट सी योजना के तहत गंगा के किनारे के मोहल्लों गोविंदपुर, शिवकुटी होकर सलोरी से बघाड़ा तक 135 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जा रही है। इसके साथ एक सीवरेज पंपिंग स्टेशन, एक लिफ्ट स्टेशन के निर्माण के साथ पुराने पंपिंग स्टेशन का रेनोवेशन होना है। 146.87 करोड़ की लागत वाला यह काम अप्रैल 2017 में खत्म होगा। इसमें विस्तार योजना के तहत सलोरी में 29 एमएलडी के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के साथ 42.60 करोड़ रुपये की लागत से 14 एमएलडी का एसटीपी भी निर्माणाधीन है, जो इसी वर्ष नवंबर में पूरा होगा।

जल्द ही डिस्ट्रिक्ट ए के तहत सिविल लाइंस, बैरहना, मलाका, कीडगंज, मुट्ठीगंज, चौक, जानसनेगंज, मीरापुर, दरियाबाद जैसे बेहद व्यस्त इलाकों में 242 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाने के साथ तीन सीवरेज पंपिंग स्टेशनों का निर्माण होना है। 288.94 करोड़ की लागत वाला यह काम अप्रैल 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही डिस्ट्रिक्ट बी के तहत राजरूपुर, चकिया, करेली, करेलाबाग, खुल्दाबाद, कालिंदीपुरम, झलवा आदि में 215 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जानी है। इस क्षेत्र में भी दो सीवरेज पंपिंग स्टेशन बनेंगे।
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इसकी लागत 265.86 करोड़ रुपये है। शहर के जिन हिस्सों में सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़क, गलियों में गड्ढे खोदे गए हैं, वहां लोगों की परेशानी बढ़ गई है। यह परेशानी अगले दो वर्ष तक जारी रहेगा, क्योंकि काम खत्म होने के बाद ही नए सिरे से सड़कों की मरम्मत होगी। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के परियोजना प्रबंधक जेपी मणि के मुताबिक अर्द्धकुंभ के पहले सभी काम पूरा करा लिए जाएंगे।
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