इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। दो दिन पहले यहां आए अमेरिकी विशेषज्ञों ने इसके लिए शहर का सर्वे भी शुरू कर दिया है, लेकिन जिस केंद्र सरकार ने इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने की पहल की, उसी के नुमाइदें यानी यहां के दोनों सांसदों श्याम चरण गुप्त और केशव प्रसाद मौर्य को इस योजना के बारे में कुछ पता ही नहीं है। जिला प्रशासन और नगर निगम ने स्मार्ट सिटी पर कई बैठकें कीं। अमेरिकी विशेषज्ञों और केंद्र सरकार के अफसरों की भी बैठकें हुईं, लेकिन इनमें एक बार भी सांसदों को नहीं बुलाया गया। इस उपेक्षा से नाराज सांसद अब प्रधानमंत्री से शिकायत करने जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर स्मार्ट सिटी योजना को फ्लॉप करने के लिए ऐसा कराने का आरोप लगाया है।
सांसद श्यामा चरण गुप्त का कहना है कि नगर निगम ने स्मार्ट सिटी पर हो रहे काम के संबंध में आज तक कोई जानकारी नहीं दी। न ही कभी सुझाव मांगने के लिए आमंत्रित किया। पिछले वर्ष अक्तूबर में इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा हुई। जनवरी 2015 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के हिन्दुस्तान आने पर एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। उसके बाद से अब तक नगर निगम और जिला प्रशासन स्मार्ट सिटी पर कई बैठकें कर चुका है और किसी में भी उन्हें नहीं बुलाया गया। उन्होंने बताया कि निगम के सचिव परिषद का शनिवार को एक पत्र मिला, जिसमें बैठक में आने को कहा गया, लेकिन बैठक स्मार्ट सिटी या किस मुद्दे पर हो रही है, इसका कोई जिक्र नहीं है।
कहा कि इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखेेंगे और उन्हे यह बताएंगे कि स्थानीय निकाय सांसदों की उपेक्षा कर रहा है।
सांसद केशव प्रसाद मौर्य भी स्मार्ट सिटी पर बन रही योजना में जिला प्रशासन और नगर निगम के उपेक्षित रवैये से खफा हैं। उन्होंने जिला प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए इसकी वजह से स्मार्ट सिटी योजना फ्लॉप होने तक का अंदेशा जताया। आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन यह सब प्रदेश सरकार के इशारे पर कर रहा है, ताकि स्मार्ट सिटी योजना फ्लॉप हो जाए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए कमेटी बननी चाहिए, जिसमें इलाहाबाद के सांसदों के साथ केंद्र सरकार के अफसर भी हों, तभी योजना सफल होगी। बताया कि इस संबंध में प्रधानमंत्री को प्रस्ताव भेजेंगे।