इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ परिवाद दर्ज किए जाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर मंगलवार को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित कर लिया है।
मऊ जिले के नवल किशोर शर्मा की ओर से दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ सुनवाई कर रही थी। यूपी सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल मनीष गोयल और एडिशनल गवर्नमेंट एडवोकेट एके संड ने बहस की। याचिका में सीएम योगी के खिलाफ परिवाद दर्ज किए जाने का आदेश जारी किए जाने की मांग की गई है।
कहा गया है कि सीएम योगी द्वारा राजस्थान के अलवर जिले में विधान सभा चुनाव के दौरान दिए गए भाषण से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसलिए कोर्ट इस मामले में परिवाद दर्ज किए जाने का आदेश जारी करे। मामले में मऊ की जिला अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया था। याची ने निचली अदालत केफैसले को चुनौती दी थी।