प्रतिवादी ने प्रतिद्वंद्विता की वजह से एफआईआर दर्ज कराई है, क्योंकि याची पहले प्रतिवादी केयहां मैनेजर था। लॉकडाउन के दौरान उसने खुद का व्यापार शुरू किया। याची ने प्रतिवादी के ब्रांड नेम पंछी पेठा के नाम का कभी प्रयोग नहीं किया। याची पेठा दालमोठ के नाम से पेठा और दालमोठ का व्यापार कर रहा है।
मामले में उसे झूठा फंसाया गया है। कोर्ट ने कहा कि दस्तावेज साक्ष्यों में यह आभास हो रहा है कि याची अपने उत्पाद में पक्षी लोगो का इस्तेमाल कर आगे पेठा लिखकर उसका व्यवसाय कर रहा है, जोकि प्रतिवादी की फर्म पंछी पेठा के ब्रांडनेम का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए याचिका पोषणीय नहीं है। कोर्ट ने इस आधार पर याचिका खारिज कर दी।