सैनी कोतवाली के लोहंदा गांव में रामबाबू तिवारी की मौत प्रकरण में आरोपी प्रधान भूप नारायण पाल की गिरफ्तारी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। उसके ऊपर पुलिस ने 25 हजार के ईनाम घोषित किया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जांच में सहयोग करने की शर्त पर आरोप पत्र के संज्ञान लिए जाने तक कौशाम्बी के लोहंदा के प्रधान की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि साथ यदि जांच में सहयोग नहीं करते हैं तो जांच अधिकारी इस आदेश को वापस लेने के लिए आवेदन दायर करने के लिए स्वतंत्र हैं।
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यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ, न्यायमूर्ति हरवीर सिंह की खंडपीठ ने भूप नारायण पाल और दो अन्य की याचिका पर दिया। कौशाम्बी के सैनी थाने में चार जून 2025 को प्रधान भूप नारायण पाल व अन्य पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों ने दर्ज मुकदमे को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
रामबाबू ने अपने शरीर पर प्रधान का नाम लिखकर की थी आत्महत्या
कौशाम्बी के सैनी थाना क्षेत्र निवासी रामबाबू तिवारी के बेटे सिद्धार्थ तिवारी को आठ साल की मासूम के साथ दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्जकर जेल भेज दिया गया था। पिता रामबाबू तिवारी ने बेटे को बेगुनाह बताते हुए अपने शरीर पर लिखकर आरोप लगाया था कि उसके बेटे को प्रधान भूप नारायण पाल ने चुनावी रंजिश के चलते फर्जी मुकदमे में फंसाया है। बेटे की बेगुनाही साबित करने में सफल न होने पर उन्होंने आत्महत्या कर ली। इसी मामले में पुलिस ने प्रधान पर मुकदमा दर्ज किया।