इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या व जानलेवा हमले के आरोपी बुलंदशहर के गोलू उर्फ तुषार को सत्र न्यायालय बुलंदशहर द्वारा सुनाई गई उम्रकैद और 50 हजार जुर्माने की सजा को बहाल रखा है। हाईकोर्ट ने कहा है कि सत्र न्यायालय ने अपराध के अनुरूप सही सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा कि अपीलार्थी तुषार उर्फ गोलू एक दिसंबर 12से जेल मे बंद है, वह जेल मे ही रहे और सुनाई गई सजा पूरी करे। यह फैसला न्यायमूर्ति सुनीत कुमार तथा न्यायमूर्ति आरएन तिलहरी की खंडपीठ ने तुषार की सजा के खिलाफ दाखिल अपील को खारिज करते हुए सुनाया है।
घटना 30 नवम्बर 12 की है। तुषार ने जान से मारने की नीयत से कपिल के घर में घुसकर उस पर उस पर तमंचे से फायर कर दिया।गांव के,लोग दौडे तो वह भाग गया।घायल कपिल ड्राइवर राहुल कुमार के साथ कार से अनूप शहर इलाज के लिए जाने लगा तो पिरोली गांव के पास कार ओवर टेक कर तुषार ने कपिल पर फिर फायर किया।गोली ड्राइवर को भी लगी।
दोनों को जिला अस्पताल बुलंदशहर ले जाया गया। हालत खराब होने के कारण वहां से दिल्ली रेफर किया गया। किन्तु उसे बचाया नहीं जा सका। शिकायतकर्ता का कहना था कि अभियुक्त हिस्ट्रीशीटर है और अपराध करने का आदी है। मृतक कपिल की पत्नी व परिवार के लोग शादी में लखनऊ गए थे। कोर्ट ने चश्मदीद घायल गवाह राहूल के बयान एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर विचरण करते हुए सत्र न्यायालय की सजा को सही करार दिया है।