इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी-बेटी पर लगाए देह व्यापार के झूठे आरोप को झूठ का पुलिंदा कहा। कहा कि पारिवारिक विवाद को देह व्यापार जैसे गंभीर आरोपों के साथ पेश करना सबसे घृणित तरीका। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने यह टिप्पणी पति की याचिका को खारिज करते हुए की।
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युवक ने पत्नी और बेटी पर कानपुर नगर में कथित देह व्यापार चलाने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि यह मामला मूलतः एक पारिवारिक विवाद है। जिसे याची ने देह व्यापार जैसे गंभीर आरोपों के साथ पेश कर सबसे घृणित तरीके से अदालत के सामने रखा है।
मामले में डिजिटल साक्ष्यों की जांच के लिए पुलिस ने वीडियो और स्क्रीनशॉट को आईआईटी कानपुर को भेजा था। रिपोर्ट में पुष्टि हुई की तस्वीरों और वीडियो में दिख रहे चेहरों का आपस में कोई मेल नहीं है। वीडियो फाइल 10-12 साल पुरानी हैं।