याची अधिवक्ता ने कहा कि कि राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती की आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी है। पुलिस कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए की भर्ती सात वर्ष बाद आई है। इसलिए कोविड 19 और मनीष कुमार बनाम यूनियन ऑफ इंडिया तथा गोविंद कुमार बनाम स्टेट ऑफ यूपी के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के क्रम में इस भर्ती परीक्षा में भी कम से कम पांच वर्ष की छूट मिलनी चाहिए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड ए भर्ती-2023 में आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट के मामले में राज्य सरकार व यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड से जवाब मांगा है। पुलिस भर्ती बोर्ड ने 930 कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति का विज्ञापन जारी किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया ने प्रेम धन कुमार व अन्य की याचिका पर दिया है।
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याची अधिवक्ता ने कहा कि कि राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती की आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी है। पुलिस कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए की भर्ती सात वर्ष बाद आई है। इसलिए कोविड 19 और मनीष कुमार बनाम यूनियन ऑफ इंडिया तथा गोविंद कुमार बनाम स्टेट ऑफ यूपी के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के क्रम में इस भर्ती परीक्षा में भी कम से कम पांच वर्ष की छूट मिलनी चाहिए।
याचिका में कहा गया है कि आयु सीमा में छूट न मिलने से संविधान के मौलिक अधिकार 14 (विधि के समक्ष समता) और अनुच्छेद 16 (लोक नियोजन के विषय में अवसर की समानता) का उल्लंघन होता है। कोर्ट ने प्रकरण विचारणीय मानते हुए राज्य सरकार एवं पुलिस भर्ती बोर्ड से याचिका पर छह सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही याची से उसके बाद दो सप्ताह के भीतर प्रति उत्तर शपथ पत्र दाखिल करने को कहा है।