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allahabad High Court : भूमि अधिग्रहण के मामले में हलफनामें पर ब्यौरा पेश करें एनएचआई चेयरमैन- हाईकोर्ट

Sat, 18 Dec 2021 07:17 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मामले की सुनवाई मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति पियुष अग्रवाल की दो जजों की खंडपीठ कर रही है। मामले में आगरा, मेरठ, मुरादाबाद, वाराणसी, गाजियाबाद, कानपुर, वाराणसी सहित प्रदेश के कई जिलाें के काश्तकारों की ओर से अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाइ चल रही है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण के मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) केचेयरमैन से काश्तकारों को उपलब्ध कराए गए मुआवजे केब्योरे साथ अन्य रिकॉड तलब किए हैं। हाईकोर्ट ने कहा है कि चेयरमैन को ब्योरा अपने व्यक्तिगत हलफनामे पर दाखिल करना होगा। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की दो जजों की खंडपीठ कर रही है।

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कोर्ट आगरा, मेरठ, मुरादाबाद, वाराणसी, गाजियाबाद, कानपुर, वाराणसी सहित प्रदेश के कई जिलाें के काश्तकारों की ओर से दाखिल 72 से अधिक याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रही है। याचिकाओं में कहा गया है कि किसी को मुआवजा कम मिला है तो किसी की जमीन ज्यादा अधिग्रहीत कर ली गई है, लेकिन उसका मुआवजा नहीं दिया गया। कुछ याचिकाओं के मुताबिक रेवेन्यू रिकॉड में नाम किसी का है और मुआवजा किसी और को दे दिया गया है।

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छह जनवरी को होगी अगली सुनवाई

कोर्ट ने अलग-अलग याचिकाओं पर स्थिति जानी है। कोर्ट ने कई याचिकाओं के निस्तारण के लिए स्थानीय स्तर पर आर्बिटेटर के समक्ष प्रत्यावेदन करने कहा। जबकि कई मामलों में अधिग्रहीत और गैर अधिग्रहीत भूमि चिह्नित किए जाने का निर्देश दिया। सुनवाई केदौरान कई याचिकाओं में एनएचएआई और जिला प्रशासन की ओर से पूर्व में मांगे गए रिकॉर्ड उपलब्ध न करा पाने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने अगली सुनवाई छह जनवरी को सभी रिकार्ड पेश करने को कहा है। 
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