इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण के मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) केचेयरमैन से काश्तकारों को उपलब्ध कराए गए मुआवजे केब्योरे साथ अन्य रिकॉड तलब किए हैं। हाईकोर्ट ने कहा है कि चेयरमैन को ब्योरा अपने व्यक्तिगत हलफनामे पर दाखिल करना होगा। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की दो जजों की खंडपीठ कर रही है।
कोर्ट आगरा, मेरठ, मुरादाबाद, वाराणसी, गाजियाबाद, कानपुर, वाराणसी सहित प्रदेश के कई जिलाें के काश्तकारों की ओर से दाखिल 72 से अधिक याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रही है। याचिकाओं में कहा गया है कि किसी को मुआवजा कम मिला है तो किसी की जमीन ज्यादा अधिग्रहीत कर ली गई है, लेकिन उसका मुआवजा नहीं दिया गया। कुछ याचिकाओं के मुताबिक रेवेन्यू रिकॉड में नाम किसी का है और मुआवजा किसी और को दे दिया गया है।