ग्राहकों का पैसा हर हाल में सुरक्षित रखा जाए
मामले में हाईकोर्ट ने बैंकों की भूमिका को भी रेखांकित किया है। कहा कि बैंक खाताधारकों का पैसा सुरक्षित रहना चाहिए। केवल इसलिए नहीं कि ग्राहक पैसा बैंक में जमा करता है कि आवश्यकता पड़ने पर वह उसे निकाल सकता है, वह इसलिए भी, ग्राहकों द्वारा बैंकों में जमा पैसा एक नंबर का होता है और जिससे देश की आर्थिक स्थिति सुधरती है। वहीं दूसरी ओर देश में ऐसे लोग भी हैं, जो करोड़ों रुपये बैंक में जमा न करके घरों में तहखानों में छिपाकर रखते हैं।
इन लोगों से ना तो बैंक को लाभ मिलता है ना ही देश की आर्थिक स्थिति को। इसलिए बैंक का वह ग्राहक जो देश के प्रति ज्यादा ईमानदार है, उसका पैसा बैंक को हर हाल में सुरक्षित रखना चाहिए। यदि किसी भी प्रकार से साइबर अपराधियों द्वारा उसके बैंक खाते में डाका डालकर पैसा निकाला जाता है तो इसके लिए बैंक को ही इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। कोर्ट ने कहा कि अभियुक्तों ने इस न्यायालय की एक न्यायमूर्ति के बैंक खाते से साइबर ठगी के माध्यम से पैसे निकाले हैं और उनके अधिवक्ताओं ने यह स्वीकार किया है कि उक्त पैसे अभियुक्तों ने वादिनी को वापस कर दिए।