फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Allahabad High Court : हाईकोर्ट ने आपराधिक केस दर्ज होने पर बर्खास्तगी मामले में मांगा जवाब

Thu, 19 May 2022 11:21 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

याची की ओर से तर्क दिया गया कि वह भर्ती परीक्षा में सफल हुआ और उसे दस्तावेज सत्यापन कर नैनी जेल में नियुक्ति दी गई। इसके खिलाफ एफआइआर दर्ज थी। जिसकी जानकारी चरित्र प्रमाणपत्र के साथ दी गई थी। इसके बावजूद उसे कारण बताओ नोटिस जारी की गई। अपने जवाब में साफ  कहा आपराधिक केस की जानकारी दी गई है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट। - फोटो : file photo
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हाईकोर्ट ने जेल वार्डर केंद्रीय कारागार नैनी प्रयागराज की बर्खास्तगी आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। याचिका की सुनवाई 24 मई को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्र ने सुनील यादव की याचिका पर दिया है।

विज्ञापन



याची की ओर से तर्क दिया गया कि वह भर्ती परीक्षा में सफल हुआ और उसे दस्तावेज सत्यापन कर नैनी जेल में नियुक्ति दी गई। इसके खिलाफ एफआइआर दर्ज थी। जिसकी जानकारी चरित्र प्रमाणपत्र के साथ दी गई थी। इसके बावजूद उसे कारण बताओ नोटिस जारी की गई। अपने जवाब में साफ  कहा आपराधिक केस की जानकारी दी गई है।


एसीजेएम वाराणसी की अदालत में केस दर्ज है। कोई तथ्य छिपाया नहीं है। इसके बावजूद सेवा से हटा दिया गया है। याची का कहना है कि अवतार सिंह केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केवल केस दर्ज होने से किसी को हटाया नहीं जा सकता। बशर्ते उसने तथ्य छिपाया नहीं हो।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें