याची का कहना है कि वह कांस्टेबल भर्ती 2018 में चयनित किया गया है। एक माह के प्रशिक्षण के बाद उसे नियुक्ति नहीं दी जा रही है। कोर्ट ने सीआरपीएफ से इस संबंध में जानकारी मांगी कि नियुक्ति क्यों नहीं की जा रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीआईजी ग्रुप सेंटर सीआरपीएफ इलाहाबाद को गैर जिम्मेदाराना ढंग से जानकारी उपलब्ध कराने पर 8 जून को हाजिर होने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने संदीप कुमार शर्मा की याचिका पर दिया है।
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याची का कहना है कि वह कांस्टेबल भर्ती 2018 में चयनित किया गया है। एक माह के प्रशिक्षण के बाद उसे नियुक्ति नहीं दी जा रही है। कोर्ट ने सीआरपीएफ से इस संबंध में जानकारी मांगी कि नियुक्ति क्यों नहीं की जा रही है। डीआईजी सीआरपीएफ ने लिखित जानकारी दी। कहा गया कि परीक्षा देने वाले व नियुक्ति लेने वाले की पहचान संदिग्ध होने के कारण याची के फिंगर प्रिंट, हस्ताक्षर, हस्तलेख व अन्य दस्तावेज सत्यापन के लिए फोरेंसिक साइंस लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
लिखित जानकारी में पहचान का संकेत नहीं दिया गया है। कहा गया कि याची की पहचान परीक्षा देने वाले से मैच नहीं कर रही है। इसी वजह से नियुक्ति नहीं दी गई है। कोर्ट ने विस्तृत जानकारी नहीं देने पर नाराजगी जताई और डीआईजी को तलब कर लिया।