पूर्व कैबिनेट मंत्री की अर्जी पर न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की एकल पीठ सुनवाई कर रही है। याची अधिवक्ता इमरानुल्लाह खान ने कोर्ट को बताया कि इमामुद्दीन कुरैशी वक्फ रामपुर की संपत्ति को लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई है।
जेल में बंद प्रदेश केपूर्व कैबिनेट मंत्री व सांसद आजम खां की जमानत अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। मामले में दो दिनों से बहस चल रही थी।
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पूर्व कैबिनेट मंत्री की अर्जी पर न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की एकल पीठ सुनवाई कर रही है। याची के अधिवक्ता इमरानुल्लाह खान ने कोर्ट को बताया कि इमामुद्दीन कुरैशी वक्फ रामपुर की संपत्ति को लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई है।
इसमें वसीम रिजवी भी सह अभियुक्त हैं। इनके खिलाफ वक्फ संपत्ति को अवैध रूप से हड़पने का आरोप है। याची के अधिवक्ता ने आरोपों पर कई सवाल खड़े किए और याची को निर्दोष बताया। कहा कि आजम खां को राजनीतिक कारणों से फंसाया गया है, जबकि सरकारी अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया।
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तर्क दिया कि याची के खिलाफ डीएम की अगुवाई में जांच होने के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उन्होंने वक्फ की भूमि पर कब्जा किया है। इसलिए याची जमानत का हकदार नहीं है। मामले की सुनवाई देर शाम तक चली। याची के अधिवक्ता ने बताया कि हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है।